नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने रविवार को इंदौर के कृषि महाविद्यालय में आयोजित 15 हजार पौधों के वृक्षारोपण कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए प्रत्येक व्यक्ति से कम से कम एक पौधा लगाने की अपील की। इसी दौरान उन्होंने हाल ही में दिल्ली में हुए GEN Z आंदोलन पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।
विजयवर्गीय ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और यहां प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने और प्रदर्शन करने का अधिकार है। हालांकि, यह अधिकार संविधान और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के दायरे में रहकर ही प्रयोग किया जाना चाहिए।
प्रदर्शन के नाम पर अभद्र भाषा स्वीकार नहीं
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई लोगों के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया, जो उचित नहीं है।
उन्होंने कहा, “हमने भी अपने जीवन में कई आंदोलन किए हैं और लाठियां खाई हैं, लेकिन कभी असंवैधानिक तरीके से प्रदर्शन नहीं किया। दिल्ली में बैठे 500 लोगों ने पूरे विश्व में भारत की छवि खराब करने का काम किया।”
उन्होंने आगे कहा कि लोकतंत्र में असहमति जताने का अधिकार सभी को है, लेकिन विरोध का तरीका भी संविधान और मर्यादा के अनुरूप होना चाहिए।
कभी लाठियां खाईं, आज पुलिस दरवाजा खोलती है
अपने राजनीतिक जीवन का उल्लेख करते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि एक समय आंदोलनों के दौरान उन्हें पुलिस की लाठियां खानी पड़ती थीं, जबकि आज वही पुलिस सम्मानपूर्वक उनकी गाड़ी का दरवाजा खोलती है। उन्होंने कहा कि यह जनता के विश्वास और आशीर्वाद का परिणाम है।
उन्होंने इमरजेंसी का भी जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में अभिव्यक्ति की आजादी पर प्रतिबंध था, जबकि आज हर नागरिक को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की पूरी स्वतंत्रता है।
दतिया उपचुनाव में जीत का दावा
उत्तर प्रदेश के एक मौलाना के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि ऐसे गैर-जिम्मेदाराना बयान देने वालों के खिलाफ संवैधानिक कार्रवाई होनी चाहिए।
वहीं, दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय जनता पार्टी वहां निश्चित रूप से जीत दर्ज करेगी।










