स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (WEF) के मंच पर मध्य प्रदेश ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा में एक अहम कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मालदीव के आर्थिक विकास एवं व्यापार मंत्री मोहम्मद सईद के साथ एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की। इस मुलाकात का मुख्य एजेंडा दोनों क्षेत्रों के बीच निवेश और बहु-क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देना था।
यह बैठक दोनों पक्षों के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है। इसमें पर्यटन को साझा आधार बनाते हुए कई अन्य क्षेत्रों में साझेदारी विकसित करने पर विचार-विमर्श किया गया।
पर्यटन और निवेश पर फोकस
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्य प्रदेश की क्षमताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि राज्य में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की समृद्ध जैव-विविधता, अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वन्य जीव अभयारण्य और तेजी से उभरता मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर इसे वैश्विक सहयोग के लिए एक सक्षम भागीदार बनाते हैं।
सीएम यादव ने विशेष रूप से चिकित्सा पर्यटन, मत्स्य पालन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, वन्य जीव संरक्षण और सांस्कृतिक गतिविधियों को सहयोग के प्रमुख आयामों के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि पर्यटन आधारित सहयोग से न केवल निवेश को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि कौशल विकास और दोनों क्षेत्रों के लोगों के बीच संपर्क भी मजबूत होगा।
मालदीव ने दिखाई गहरी दिलचस्पी
मालदीव के आर्थिक विकास एवं व्यापार मंत्री मोहम्मद सईद ने इस पहल का स्वागत करते हुए पर्यटन को दोनों के बीच एक ‘स्वाभाविक और सशक्त सेतु’ बताया। उन्होंने कहा कि मालदीव पर्यटन, मानव संसाधन विकास और अनुभव साझा करने के अवसरों को लेकर मध्य प्रदेश के साथ काम करने के लिए उत्सुक है।
सईद ने मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और वन्यजीव पर्यटन की संभावनाओं में भी गहरी रुचि व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दोनों क्षेत्रों की पूरक क्षमताओं का लाभ उठाकर एक मजबूत और दीर्घकालिक साझेदारी विकसित की जा सकती है।
सहयोग के लिए बनेगा ठोस रोडमैप
इस द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों पक्ष आपसी संवाद को संस्थागत रूप देने पर सहमत हुए। यह तय किया गया कि सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार किया जाएगा और प्रतिनिधिमंडल स्तर के दौरों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। दावोस में हुई यह बैठक मध्य प्रदेश द्वारा वैश्विक मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने और निवेश आकर्षित करने की एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है।










