सीएम मोहन यादव की पहल लाई रंग, विक्रमोत्‍सव 2026 को मिला BITA Gold Award

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By Raj RathorePublished On: July 17, 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सांस्कृतिक अभ्युदय और भारत की गौरवशाली विरासत के पुनर्जागरण के संकल्प को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश प्रभावी रूप से साकार कर रहा है। संस्कृति, इतिहास और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण एवं वैश्विक प्रचार-प्रसार के माध्यम से प्रदेश निरंतर राष्ट्रीय पहचान स्थापित कर रहा है।

इसी क्रम में मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग अंतर्गत महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा आयोजित विक्रमोत्‍सव 2026 को इस वर्ष तीसरा राष्‍ट्रीय सम्‍मान मिला है।

इंटरनेशनल कन्वेंशन ऑफ इवेंट इंडस्ट्री द्वारा 15 एवं 16 जुलाई 2026 को देहरादून में आयोजित हिन्‍दुस्‍तान 2.0 नेशनल चिंतन शिविर एवं एक्‍स्‍पो में विक्रमोत्‍सव 2026 को BITA Awards 2026 अंतर्गत Government Event of the Year (Gold Award) का प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया। बीटा की टीम भोपाल आकर मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव को यह सम्‍मान प्रदान करेगी।

मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को मिल रही नई ऊंचाई

मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार एवं महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्री श्रीराम तिवारी ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ही दूरदर्शी पहल पर उज्जैन में विक्रमोत्सव को भव्यता के साथ मनाया जा रहा है जो आज पूरे देश में फैल रहा है ये भारतीय संस्कृति, इतिहास और विरासत के राष्ट्रीय उत्सव के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष विक्रमोत्सव 2026 को प्राप्त यह तीसरा राष्ट्रीय सम्मान मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, उत्कृष्ट आयोजन क्षमता और जनभागीदारी की राष्ट्रीय और अंतर्राष्‍ट्रीय स्तर पर मिली स्वीकृति है।

उन्‍होंने कहा कि विक्रमोत्सव को मिली इस उपलब्धि ने न केवल मध्यप्रदेश, बल्कि पूरे भारतीय इवेंट उद्योग को गौरवान्वित किया और बड़े पैमाने पर सरकारी आयोजनों के लिए एक नया मानक स्थापित किया। यह उपलब्धि हमें और बेहतर करने के लिए प्रेरित करेगी तथा भविष्य में मध्यप्रदेश को सांस्कृतिक क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक ले जाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।

विगत वर्षों में मिल चुके है तीन सम्मान

विक्रमोत्सव दुनिया का सबसे लंबी अवधि तक चलने वाला सांस्कृतिक आयोजन है। इसमें सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ बिजनेस इवेंट भी शामिल है। इसके पहले विक्रमोत्सव : 2025 को ईमैक्स ग्लोबल अवार्ड द्वारा लांगस्टैंडिंग आईपी ऑफ द ईयर से सम्मानित किया गया था।

“वाउ” अवार्ड एशिया-2025 द्वारा एशिया के शासकीय समारोह की विशेष श्रेणी में गोल्ड अवॉर्ड मिल चुका है। वर्ष-2024 में विक्रमोत्सव को एशिया का “बिगेस्ट रिलीजियस” अवार्ड मिला था।

विक्रमोत्सव से 17.72 करोड़ से अधिक लोग जुड़े

विक्रमोत्सव 2026 के दौरान आयोजन के प्रसारण ने डिजिटल आउटरीच और कम्युनिटी एंगेजमेंट के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया। आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार 7 फरवरी से 24 मार्च 2026 के बीच आयोजन से संबंधित गतिविधियों ने कुल 17.72 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुँच बनाई।

आधिकारिक सोशल मीडिया और लाइव स्ट्रीम्स से जहाँ 47.85 लाख लोगों तक पहुँच बनी, वहीं आमजन द्वारा तैयार कंटेंट और विभिन्न हैशटैग्स के जरिए 17.24 करोड़ से अधिक की डिजिटल रीच दर्ज की गई।

139 दिवसीय आयोजन

विक्रमोत्सव 2026 का आरंभ कर सृष्टि निर्माण दिवस वर्ष प्रतिपदा से होते हुए पंच महाभूतों में अतिविशिष्ट जल तत्व के संरक्षण, संवर्धन के लिए विशिष्ट रूप से नियोजित जल गंगा संवर्धन अभियान का आयोजन सम्पन्न हुआ।

यह आयोजन 12 फरवरी से 30 जून, 2026 की तिथियों में होने वाला यह 139 दिवसीय आयोजन भारत और देश तथा दुनिया में आयोजित होने वाला सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों का एक अनूठा उत्सव बना।

इसका प्रथम चरण महाशिवरात्रि के अवसर पर सुप्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम द्वारा शिवोऽहम महादेव की आराधना से सम्पन्न हुआ। द्वितीय चरण 19 मार्च से 30 जून 2026 तक जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सम्पन्न हुआ। इसमें 41 से अधिक बहुआयामी गतिविधियों में 4 हजार से अधिक कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियाँ दी गयी।

विक्रमोत्सव 2026 के तहत 3 से 5 अप्रैल को उज्जैन के महान सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन और न्यायप्रियता को जन-जन तक पहुँचाने के लिए वाराणसी में महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का मंचन किया गया।