इंदौर की सदर बाजार थाना पुलिस ने गुरुवार शाम कांग्रेस नेता अनवर कादरी उर्फ अनवर डकैत को फर्जी आर्म्स लाइसेंस मामले में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से इस मामले में फरार चल रहा था। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, मारपीट, आर्म्स एक्ट समेत 27 से अधिक गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।
एसीपी अशोक जादौन के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सदर बाजार क्षेत्र से आरोपी को गिरफ्तार किया। फिलहाल पुलिस उससे फर्जी हथियार लाइसेंस से जुड़े मामले में पूछताछ कर रही है।
फर्जी लाइसेंस पर रखी थी बंदूक, जांच में हुआ खुलासा
पुलिस के मुताबिक, फरवरी 2025 में सदर बाजार थाना क्षेत्र में अवैध हथियार के साथ मारपीट की घटना के बाद अनवर कादरी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पता चला कि जिस बंदूक का इस्तेमाल किया गया था, उसका लाइसेंस फर्जी था और उसे कथित तौर पर जम्मू-कश्मीर से तैयार कराया गया था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अनवर कादरी इससे पहले बाणगंगा थाना पुलिस की कार्रवाई में एक अन्य मामले में जेल जा चुका था। हालांकि उस समय सदर बाजार पुलिस ने इस प्रकरण में उसकी गिरफ्तारी नहीं ली थी। हाल ही में जमानत पर रिहा होने के बाद पुलिस ने उसे इस मामले में गिरफ्तार कर लिया।
हत्या से लेकर आर्म्स एक्ट तक, 27 से ज्यादा केस दर्ज
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अनवर कादरी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और अन्य कानूनों की कई गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज हैं। इनमें मारपीट, धमकी, लूट, हत्या, हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट, धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम समेत अन्य अपराध शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड की भी दोबारा समीक्षा की जा रही है।
पहले भी लग चुके हैं कई गंभीर आरोप
अनवर कादरी का नाम पहले भी कई चर्चित मामलों में सामने आ चुका है। जून माह में वायरल हुए एक वीडियो के आधार पर उस पर यह आरोप भी लगे थे कि उसने दो युवकों को हिंदू महिलाओं को प्रेमजाल में फंसाकर धर्म परिवर्तन और देह व्यापार की ओर धकेलने के लिए पैसे दिए थे। इस मामले में वह पहले सरेंडर भी कर चुका था।
हालांकि, इन आरोपों से जुड़े मामलों में अंतिम न्यायिक निष्कर्ष संबंधित अदालतों में लंबित हैं।
जानलेवा हमले में हो चुकी है सजा
वर्ष 2011 में इंदौर की एक अदालत ने 6 मई 2009 को आजाद नगर क्षेत्र में हुए जानलेवा हमले के मामले में अनवर कादरी, उसके भाई और एक अन्य आरोपी को एक-एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी।
इस मामले में पुलिस ने कुल नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया था और उनके कब्जे से पिस्तौल, कट्टा, तलवार और चाकू बरामद किए थे।
उज्जैन की डकैती के केस के बाद पड़ा ‘डकैत’ नाम
पुलिस के अनुसार वर्ष 1996 में उज्जैन के महाकाल थाना क्षेत्र में दर्ज एक डकैती के मामले के बाद अनवर कादरी को स्थानीय स्तर पर ‘अनवर डकैत’ के नाम से पहचाना जाने लगा। वह कांग्रेस से तीन बार पार्षद रह चुका है, जबकि उसकी पत्नी भी दो बार पार्षद निर्वाचित हो चुकी हैं।
इसके अलावा शहर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष प्रमोद टंडन के कार्यकाल में अनवर कादरी को शहर कांग्रेस का महामंत्री भी बनाया गया था। उसने एक बार निर्दलीय चुनाव भी लड़ा था।










