इंदौर में नर्मदा जल से गाड़ी धोने पर होगी कार्रवाई, ट्रीटेड वाटर का करना होगा इस्तेमाल

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By Raj RathorePublished On: April 27, 2026
Indore Water Conservation

Indore News : स्वच्छता में देश में लगातार सात बार नंबर वन का खिताब हासिल करने वाले इंदौर ने अब जल संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। नगर निगम ने शहर में नर्मदा जल और बोरिंग के पानी के बेतहाशा इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। अब निर्माण कार्यों, वाहनों की धुलाई और उद्यानों की सिंचाई के लिए केवल सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से उपचारित पानी का ही उपयोग करना अनिवार्य होगा।

इंदौर नगर निगम ने भूजल स्तर में लगातार गिरावट और नर्मदा जल के संरक्षण को देखते हुए यह क्रांतिकारी पहल की है। निगम अब स्वयं उपचारित जल (ट्रीटेड वाटर) बेचेगा, ताकि प्राकृतिक जल संसाधनों का अनावश्यक दोहन रोका जा सके।

महापौर पुष्यमित्र भार्गव और निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के अनुसार, शहर में किसी भी निर्माण कार्य, ऑटोमोबाइल सर्विस सेंटरों और सार्वजनिक व निजी उद्यानों में नर्मदा या बोरिंग के पानी का इस्तेमाल पूरी तरह से प्रतिबंधित है।

इन सभी कार्यों के लिए अनिवार्य रूप से एसटीपी से ट्रीट किए गए पानी का ही उपयोग करना होगा। निजी व्यक्ति और संस्थाएं भी अपने संबंधित जोनल कार्यालय में निर्धारित शुल्क जमा कर यह उपचारित पानी प्राप्त कर सकते हैं। इस पानी का उपयोग वे निर्माण कार्य, वाहन धुलाई और उद्यान सिंचाई जैसे कार्यों में कर सकेंगे। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उपचारित जल की उपलब्धता

नागरिकों और संस्थाओं की सुविधा के लिए इंदौर नगर निगम ने उपचारित जल प्राप्त करने की व्यापक व्यवस्था की है। शहर के 8 जोनल कार्यालयों में निर्धारित शुल्क जमा कर यह पानी प्राप्त किया जा सकता है। इनमें सुखलिया जोन, सुभाष नगर जोन, स्कीम नंबर 54, विजय नगर जोन, नेहरू स्टेडियम जोन, बिलावली जोन, हवा बंगला जोन और स्कीम नंबर 9498 जोन शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, लोगों की सुलभता के लिए शहर के 35 प्रमुख स्थानों पर ट्रीटेड वाटर हाइड्रेंट्स स्थापित किए गए हैं। इन स्थानों में मुख्य रूप से बापट चौराहा, सयाजी सर्विस रोड, विजय नगर, नंदा नगर, रेती मंडी, रीजनल पार्क और नेमावर रोड जैसे व्यस्त इलाके शामिल हैं। इन हाइड्रेंट्स से कोई भी व्यक्ति या संस्था आसानी से उपचारित पानी प्राप्त कर उसका उपयोग कर सकती है।

उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई

निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने अधिकारियों और निरीक्षकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे शहर में चल रही कंस्ट्रक्शन साइट्स और ऑटोमोबाइल सर्विस सेंटरों की औचक जांच करें। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि कहीं भी नर्मदा जल या बोरिंग के पानी का दुरुपयोग पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कदम जल संरक्षण और शहर के स्थायी विकास की दिशा में इंदौर की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।