सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक, बुरहानपुर में 2,598 करोड़ की परियोजनाओं को मिली हरी झंडी

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By Abhishek SinghPublished On: January 7, 2026
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में सिंचाई, ग्रामीण सड़क, जनजातीय क्षेत्रों के विकास और ई-गवर्नेंस से संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने बुरहानपुर जिले की दो बड़ी सिंचाई परियोजनाओं को कुल 2,598 करोड़ रुपये से अधिक की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की।

खकनार तहसील की झिरमिटी मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 922 करोड़ 91 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। इस परियोजना के तहत खकनार के 42 गांवों में 17,700 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे लगभग 11,800 किसान परिवार लाभान्वित होंगे। इसी तरह नेपानगर तहसील की नावथा वृहद सिंचाई परियोजना को 1,676 करोड़ 6 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना से खकनार तहसील के 90 गांवों में 34,100 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुनिश्चित होगी और लगभग 22,600 किसान परिवार इसका लाभ उठाएंगे।

ग्रामीण सड़कों के लिए 10,196 करोड़ की मंजूरी

इसके अलावा, ग्रामीण सड़कों के नवीनीकरण और उन्नयन के लिए 10,196 करोड़ 42 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत प्रदेश के 88,517 किलोमीटर मार्गों का सुधार और उन्नयन किया जाएगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सिंचाई परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन के लिए उन्हें नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड के माध्यम से वित्त पोषित किया जाएगा। वर्तमान में यह कंपनी नर्मदा-क्षिप्रा बहुउद्देशीय परियोजना और बदनावर माइक्रो लिफ्ट इरिगेशन परियोजना को वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है।

1,200 पुलों का होगा निर्माण

बैठक में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन) योजना को आगे जारी रखने की मंजूरी दी गई। योजना को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2028 तक लागू रखने के लिए 795 करोड़ 45 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके तहत 1,039 किलोमीटर सड़कों और 112 पुलों का निर्माण किया जाएगा। यह योजना बैगा, भारिया और सहरिया जैसी विशेष जनजातियों के लिए प्रदेश के 22 जिलों में लागू रहेगी।

साथ ही, कैबिनेट ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की निरंतरता को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने की स्वीकृति भी दी। इस योजना के अंतर्गत 17,196 करोड़ 21 लाख रुपये की लागत से 20,000 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों और 1,200 पुलों का निर्माण किया जाएगा।