मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को बड़ी सौगात देते हुए व्यापक स्तर पर पदोन्नति के आदेश जारी किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने मंगलवार (7 जुलाई) को 190 अधिकारियों को डिप्टी कलेक्टर पद पर पदोन्नत करने का आदेश जारी किया।
पदोन्नति पाने वालों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में पदस्थ तहसीलदार, प्रभारी डिप्टी कलेक्टर और अन्य अधिकारी शामिल हैं। यह आदेश मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 के तहत जारी किया गया है।
आदेश के अनुसार इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, रीवा, सागर, शाजापुर, सीधी, रायसेन, शिवपुरी, गुना, रतलाम, धार, बैतूल, छिंदवाड़ा, देवास, नरसिंहपुर, विदिशा, मंदसौर, सतना, पन्ना, शहडोल, हरदा, बालाघाट, टीकमगढ़, राजगढ़, उमरिया, नर्मदापुरम, खंडवा समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में पदस्थ अधिकारियों को डिप्टी कलेक्टर के पद पर पदोन्नति दी गई है।
आदेश में कहा गया है कि पदोन्नत अधिकारियों को मध्यप्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम, 2017 के तहत पे-मैट्रिक्स लेवल-12 (15600-39100 + ग्रेड पे 5400) के अनुरूप डिप्टी कलेक्टर पद पर पदस्थ किया जाएगा।
दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि रहेगी
सामान्य प्रशासन विभाग के अनुसार सभी पदोन्नत अधिकारी मध्यप्रदेश सिविल सेवा (सेवा की सामान्य शर्तें) नियम, 1961 के तहत दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर रहेंगे। वहीं, पदोन्नति के बाद अधिकारियों को आदेश प्राप्त होने की तिथि से एक माह के भीतर वेतन निर्धारण के लिए अपना विकल्प भी प्रस्तुत करना होगा।
सरकार ने आदेश में स्पष्ट किया है कि यह पदोन्नति सर्वोच्च न्यायालय में लंबित विशेष अनुमति याचिका (SLP) क्रमांक 13954/2016 तथा भविष्य में सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय द्वारा पारित किए जाने वाले आदेशों के अधीन रहेगी। साथ ही पदोन्नति में आरक्षण संबंधी प्रावधानों का पालन भी नियमानुसार किया जाएगा।
कई विभागों के अधिकारियों को मिला लाभ
इस पदोन्नति आदेश में केवल जिला प्रशासन में कार्यरत अधिकारी ही नहीं, बल्कि भोपाल विकास प्राधिकरण, इंदौर विकास प्राधिकरण, मुख्यमंत्री कार्यालय, राजस्व विभाग, नगर निगम, विमानन, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, कृषि, पशुपालन, खेल एवं युवा कल्याण सहित विभिन्न विभागों में पदस्थ अधिकारियों को भी पदोन्नति का लाभ दिया गया है।










