मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कोरोना से लगातार मौत का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। आए दिन वहां मौत हो रही है लेकिन इस सही आंकड़ा सरकार नहीं बात पा रही है। दरअसल, दूसरी तरफ शहर के मुख्य श्मशान घाट और कब्रिस्तान के आंकड़ों पर यकीन करें तो तस्वीर अलग ही सामने आ रही है। अब सबके जहन में ये सवाल उठ रहे हैं कि क्या सरकार मौत के आंकड़ों को छुपाने का काम कर रही है या तो सरकार झूठ बोल रही है या फिर शहर के मुख्य श्मशान घाट के आंकड़े.मौत के आंकड़ों को छुपाने का काम कर रही है या तो सरकार झूठ बोल रही है या फिर शहर के मुख्य श्मशान घाट के आंकड़े।
जानकारी के मुताबिक, बीते दिन यानी 21 अप्रैल को कोरोना प्रोटोकॉल के तहत 138 शवों को जलाया गया। दरअसल, भदभदा विश्राम घाट में 92 और सुभाष विश्राम घाट में 33 शवों का अंतिम संस्कार हुआ है। वहीं झदा कब्रिस्तान में 13 शवों को दफनाया गया है। लेकिन सरकार के मुताबिक, सिर्फ 5 की मौत बताई गई है। इसके अलावा 20 अप्रैल को 148 शवों का कोरोना प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार हुआ था। लेकिन सरकार ने तब भी इसका आंकड़ा कम बताया था। बता दे, भदभदा, सुभाष विश्राम घाट और झदा कब्रिस्तान से आ रहे हैं। इस तरह बढ़ रहा मौत का ग्राफ –
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15 अप्रैल को 112 शवों का कोरोना प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार हुआ था। 16 अप्रैल को एक दिन में 118 शवों का कोरोना प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार किया गया था। 17 अप्रैल के आंकड़ों के अनुसार, शहर के मुख्य विश्राम घाट और कब्रिस्तान में कोरोना प्रोटोकॉल के तहत 92 लोगों का अंतिम संस्कार किया गया था। सरकारी आंकड़ों में कोरोना से 3 मौत होना बताई गई थी। वहीं 18 अप्रैल को 112 शवों का कोविड प्रोटोकॉल के अंतिम संस्कार साथ किया गया था। सबसे ज्यादा शवों का अंतिम संस्कार भदभदा विश्राम घाट में किया गया। 19 अप्रैल को 123 शवों का अंतिम संस्कार कोरोना प्रोटोकॉल के तहत किया गया था। 20 अप्रैल को 148 शवों का कोरोना प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार हुआ था।
