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दानदाताओं का फूला दम ,प्राधिकरण जुटा भोजन प्रबंधन में

शैलेन्द्र सिंह पंवार

इंदौर। दानदाताओं के दम फूलने पर विकास प्राधिकरण अब अपने स्तर पर कोविड व क्वेरेंटिन सेंटर के मरीजों के लिए भोजन का प्रबंध करने में जुट गया है। डाक्टर, नर्स व पैरा मेडिकल स्टाफ के भोजन के लिए पिछले दिनों एक केटरर्स को ठेका दिया था और अब 26 मई को 20-20 लाख के 2 टेंडर और खोले जा रहे है। भोजन के मामले में प्राधिकरण को दानदाताओं की और से खूब सहयोग मिला है और इससे कम से कम 1.50 करोड़ रूपए की बचत हुई है, अकेले एक ही दानदाता ने अभी तक 1 करोड़ का भोजन उपलब्ध कराया है।

प्रशासन ने शहर के 46 होटल व मैरिज गार्डन को कोविड व क्वेरेंटिन सेंटर में तब्दील किया है, यहां पर कन्टेनमेंट क्षेत्र के ऐसे लोगों को 14 से 28 दिनों तक रखा जा रहा है, जो कोरोना संदिग्ध हो सकते है। 46 में से 37 सेंटर अभी भी एक्टिव है और यहां पर भर्ती लोगों के लिए विकास प्राधिकरण दोनों समय भोजन, चाय व नाश्ता पहुंचा है। इसके लिए प्राधिकरण ने 8 वाहन व ड्राईवर सहित 32 लोगों का स्टाफ लगा रखा है, ये जहां पर भोजन व नाश्ता तैयार होता है, वहां से लाकर इन सेंटरों तक पहुंचाते है, इसके लिए प्रतिदिन तीन फैरे लगते है। एक फैर में 8 लोगों का स्टाफ रहता है।

प्राधिकरण ने डाक्टर, नर्स व पैरामेडिकल स्टाफ के भोजन के लिए 2 मई से वेदांत केटरर्स को 24 लाख में ठेका दिया है, ये दोनों समय 500 से अधिक भोजन पैकेट इन सेंटरों में पहुंचा रहा है। शारीरिक क्षमता अच्छी रहे, इस कारण डाक्टर्स को पोष्टिक भोजन पहुंचाया जा रहा है। वहीं अब दानदाताओं के दम फूलने पर प्राधिकरण भोजन प्रबंधन की तैयारियों में जुट गया है। 24 लाख के ठेके के बाद अब 20-20 लाख के दो और टेंडर किए जा रहे है, ये टेंडर 26 मई को खोले जाएंगे। जिसके भी ये पक्ष में जाएगा, उसे प्रतिदिन एक समय 1-1 हजार लोगों को भोजन उपलब्ध कराना होगा।

अब भोजन पैकेट आधे

प्राधिकरण की भोजन की अधिकतम क्षमता 5 से 20 अप्रैल के बीच 4600 पैकेट तक पहुंच गई थी, दोनों समय सेंटरों में 2300-2300 पैकेट पहुंचाए जा रहे थे। इस अवधि में ही शहर में कोरोना पाजिटिव मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी शुरू हुई थी, शहर का मध्य हिस्सा कन्टेनमेंट क्षेत्र में बदलने लगा था। अब लगभग ये स्थिति आधी हो गई है, क्योंकि क्वेरेंटाईन मरीजों की भी लगातार छुट्टी हो रही है। 22 मई को एक समय में 1055 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया गया है, 500 डाक्टर व अन्य स्टाफ के लिए भी प्रतिदिन भोजन पैकेट जा रहे है।

1 करोड़ का भोजन दान

प्राधिकरण को दानदाताओं की और से भी खूब सहयोग मिला है, अकेले एक ही दानदाता ने अभी तक 1 लाख से अधिक भोजन पैकेट उपलब्ध कराए है, जिस पर उसका अनुमानित 1 करोड़ से अधिक खर्च हो चुका होगा। इसके अलावा डेली कालेज ने भी शुरूआत में रोज 500 पैकेट दिए थे, लेकिन अब 300 पहुंचाए जा रहे है। सत्य सांई स्कूल व गुरूजी सेवा न्यास से भी प्रतिदिन 300-300 पैकेट मिल रहे है। जबकि एक अन्य दानदाता विजय अग्रवाल 250 पैकेट पहुंचा रहे है।

2.50 लाख बिस्किट पैकेट मिले

मरीजों के लिए पारले व नफीस ने 1-1 लाख बिस्किट पैकेट दिए है, जबकि पेप्सी ने 50 हजार पैकेट उपलब्ध कराए है, ये रोज मरीजों को नाश्ते में दिए जाते है। सहायक यंत्री दिनेश गोयल के अनुसार हाईवे कंस्ट्रक्शन कंपनी ने पिछले दिनों 500 किलो मिठाई उपलब्ध कराई है, जिसे भोजन के साथ मरीजों को परोसी गई थी।

खूब सहयोग मिला दानदाताओं का

कोरोना संकट में दानदाताओं की और से खूब सहयोग मिला है,अभी तक जिस प्रकार से इन्होने भोजन उपलब्ध कराया है, उससे शासन के 1 से 1.50 करोड़ रूपए की बचत हुई है। हालांकि इनकी भी अपनी सीमा है, इसलिए प्राधिकरण भी भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भोजन के लिए टेंडर लगा रहा है।