Singapore Investment Summit: सिंगापुर में सीएम योगी का दमदार प्रदर्शन, यूपी के खाते में आए 6,650 करोड़ के निवेश प्रस्ताव

Author Picture
By Raj RathorePublished On: February 23, 2026

सिंगापुर इन्वेस्टमेंट समिट में उत्तर प्रदेश को 6650 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा निवेश जुटाने के नजरिये से महत्वपूर्ण रहा। राज्य सरकार ने इसे विदेशी निवेश आकर्षित करने की दिशा में एक ठोस प्रगति बताया है।

दौरे के दौरान उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, बाजार आकार और नीतिगत ढांचे को निवेशकों के सामने रखा गया। फोकस यह रहा कि राज्य में निवेश प्रक्रिया तेज और अपेक्षाकृत सरल तरीके से आगे बढ़ सके। सिंगापुर के कारोबारी समूहों के साथ हुई बैठकों का सीधा परिणाम निवेश प्रस्तावों के रूप में सामने आया।

6650 करोड़ रुपये के प्रस्ताव इस बात का संकेत हैं कि उत्तर प्रदेश को विदेशी निवेशक गंभीरता से देख रहे हैं। सिंगापुर जैसे वित्तीय और कारोबारी केंद्र से आने वाला निवेश राज्य के लिए रणनीतिक महत्व रखता है। इससे उत्पादन, सेवा और सप्लाई चेन से जुड़े नए अवसर खुल सकते हैं।

निवेश कूटनीति पर राज्य का जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पिछले कुछ समय से निवेश आधारित विकास मॉडल पर जोर देते रहे हैं। इसी क्रम में विदेश दौरों और बिजनेस मीटिंग्स के जरिए राज्य को वैश्विक निवेश मानचित्र पर मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। सिंगापुर दौरे का परिणाम इसी रणनीति की निरंतरता के रूप में देखा जा रहा है।

सरकार का लक्ष्य केवल निवेश घोषणाएं लेना नहीं, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारना भी है। इसीलिए परियोजनाओं के क्रियान्वयन, अनुमतियों और विभागीय समन्वय पर खास ध्यान दिया जा रहा है। निवेश प्रस्तावों को लागू करने की प्रक्रिया जितनी तेज होगी, आर्थिक असर उतनी जल्दी दिखेगा।

यूपी की अर्थव्यवस्था और रोजगार पर असर

निवेश प्रस्तावों का सीधा संबंध स्थानीय आर्थिक गतिविधि से होता है। नई परियोजनाओं के साथ निर्माण, संचालन और सपोर्ट सेवाओं में रोजगार की संभावना बनती है। इसके अलावा परिवहन, वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और लघु उद्योगों को भी अप्रत्यक्ष लाभ मिलता है।

उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में निवेश का प्रभाव क्षेत्रीय संतुलन के नजरिये से भी अहम माना जाता है। यदि प्रस्तावित पूंजी चरणबद्ध तरीके से लागू होती है, तो औद्योगिक ढांचे को विस्तार मिलेगा। इससे राज्य की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति भी मजबूत हो सकती है।

क्रियान्वयन रहेगा अगला बड़ा चरण

निवेश प्रस्ताव मिलना पहला चरण होता है, जबकि वास्तविक सफलता परियोजनाओं के लागू होने से तय होती है। अब ध्यान इस बात पर रहेगा कि सिंगापुर समिट से जुड़े प्रस्ताव कितनी जल्दी औपचारिक समझौतों और फिर निवेश में बदलते हैं।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सिंगापुर दौरा उत्तर प्रदेश के लिए सकारात्मक निवेश परिणाम लेकर आया है। 6650 करोड़ रुपये के प्रस्ताव राज्य की निवेश क्षमता और नीतिगत प्रस्तुति दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माने जा रहे हैं।