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इंदौर के क्रायसेस मैनेजमेंट को बेस्ट माना केंद्र सरकार ने, टॉप चार शहरों में इंदौर का नाम शामिल

राजेश राठौर

इंदौर : कोरोना वायरस के संक्रमण के बाद जो हालात बने उसमें इंदौर ने क्रायसेस मैनेजमेंट करने में सबसे ज्यादा सफलता पाई। ग्रीन, येलो और रेड तीन कैटेगरी के अस्पताल तय किए। पॉजिटिव कैसेस सख्त लॉक-डाउन के कारण कम हुए। मई-जून की संख्या बढऩे पर जो तत्काल इलाज उपलब्ध कराया उसकी केंद्र सरकार ने तारीफ की है।  इंदौर के मामले में केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी पिछले दिनों वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान बढ़ते हुए केस रोकने के मामले में इंदौर को बेस्ट उदाहरण बताया है। दूसरे शहरों को इंदौर से सीखने के लिए कहा गया है।

इंदौर के बारे में केंद्र सरकार का यह तक आकलन है कि वहां तो अभी तक दस हजार से ज्यादा पॉजिटिव केस हो जाना चाहिए थे, मौत भी आंकड़ों के हिसाब से देखी जाए तो कम है। इसके अलावा चेन्नई और बेंग्लुरू को पॉजिटिव केस आने के बावजूद मृत्यु दर रोकने के मामले में सबसे बेस्ट बताया है। वहां पर केसेस बढऩे के बाद हेल्थ सुविधाएं ज्यादा बेहतर होने के कारण मौतें कम हुईं। इसके अलावा जयपुर को भी क्रायसेस मैनेजमेंट ने टॉप पर रखा है, जहां पर सारी सुविधाएं बेहतर तरीके से संचालित हो रही हैं।

केंद्र सरकार ने टॉप चार शहरों में इंदौर, जयपुर, चेन्नई, बेंग्लुरू का मॉडल पूरे देश में लागू करने के लिए कहा है। आने वाले दिनों में जो कोरोना पॉजिटिव बढऩे की संभावना है, उसको लेकर भी इंदौर में जिस तेजी के साथ तैयारी चल रही है, उसकी तारीफ की जा रही है। यहां पर जिस ताबड़तोड़ तरीके से मैरिज गार्डन और होटलों को क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया, उसको भी बेहतर बताया गया है। आने वाले दिनों में सभी बड़ी जगह प्रशासन अपने कब्जे में ले लेगा, ताकि 15 जून से 15 जुलाई तक भले ही कितने केस आ जाएं इंदौर उससे निपटने की ताकत रखता है।