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अर्जुन अवॉर्ड के लिए हुई अनदेखी से बॉक्सर नाराज, खेल मंत्री को लिखा पत्र

नई दिल्ली। एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक विजेता मुक्केबाज अमित पंघल ने खेल मंत्री किरण रिजिजू को एक पत्र लिखकर राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों के लिए चयन प्रक्रिया बदलने का अनुरोध किया है। साथ ही उन्होने मौजूदा तरीके को ‘भेदभाव पूर्ण‘ बताया है। विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक विजेता अमित पंघाल ने पत्र में कहा कि ‘मौजूदा प्रक्रिया में एक खिलाड़ी को आवेदन भेजना होता है और फिर खेल समिति इन आवेदनों के आधार पर चयन करती है। पुरस्कार चयन में खेल समिति के सदस्यों द्वारा भेदभावपूर्ण फैसले होते हैं, जिनकी कोई जवाबदेही नहीं है।’

बता दें कि पंघल को दो बार अर्जुन पुरस्कार के लिए नामित किया गया था। लेकिन डोप के उल्लंघन के चलते उनके नाम पर विचार नहीं किया गया। उन्होंने 2012 में चेचक बीमारी के चलते दवाई ली थी। मालूम हो इस साल राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों को चुनने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और 3 जून इस के नामांकन की अंतिम तारीख है।

 

नामांकन को लेकर मुक्केबाज ने कहा कि ‘यह प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और ऐसे कई उदाहरण है जहां हकदार खिलाड़ियों को पुरस्कार हासिल करने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। यह खिलाड़ियों के लिए और खेल प्रशासकों के लिए काफी असहज होता है।’ भारतीय सेना में सूबेदार पंघल ने कहा, ‘सेना मेरा मामला आगे बढ़ा रही है और मुझे उम्मीद है कि डोप उल्लंघन इस बार सामने नहीं आएगा क्योंकि वह अनजाने में हुआ था। मैं लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा हूं, मेरे नाम पर विचार किया जाना चाहिए।’

 

विश्व चैंपियन ने कहा, ‘दुनिया में ज्यादातर प्रतिष्ठित पुरस्कार नामांकन पूछे बिना ही दिए जाते हैं क्योंकि सही मायने में एक पुरस्कार खिलाड़ियों की उपलब्धियों का सम्मान है।’ उन्होंने कहा, ‘मौजूदा प्रक्रिया ब्रिटिश युग की पुरानी प्रक्रिया जैसी है जब उपलब्धि हासिल करने वाले को खुद ही पुरस्कार के लिए आवेदन करना होता था। अगर इन पुरस्कारों को नामांकन मुक्त कर दिया जाएगा तो आप भारतीय खेल प्रक्रिया में मजबूत बदलाव करोगे।‘