राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की तरह ही सर्दियां आने के साथ ही मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल  में भी वायु प्रदूषण  लगातार बढ़ता जा रहा है. पिछले साल की तुलना में इस साल हालात ज्यादा खराब हैं. शहर में पिछले कुछ दिनों में एयर क्वालिटी  ज्यादा खराब हुई है और कई इलाकों में यह खराब श्रेणी में चली गई है. शहर का एक्यूआई  लगातार बढ़ता जा रहा है. इसकी वजह मौसम में बदलाव, किसानों द्वारा खेतों में पराली जलाना और वाहन हैं.

अधिकारी ने यह बताया

मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड  के क्षेत्रिय अधिकारी ब्रिजेश शर्मा ने भोपाल में वायु प्रदूषण पर कहा कि, AQI के मुताबिक दिवाली के बाद से हवाओं में प्रदूषण पाई जा रही है. ठंड का मौसम आने और वाहनों से निकलने वाली धूल के कारण इसमें इजाफा हो रहा है. पराली जलने के कारण भी प्रदूषण बढ़ रहा है.

 

बढ़ रही सास की बीमारियां

खबरों के मुताबिक एयर क्वालिटी खराब होने से शहर के अस्पतालों में सांस से संबंधित मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है. खराब हवा से सांस और फेफड़े की कई बीमारियां होती हैं. सड़कों से उड़ती धूल की वजह से भोपाल में एक्यूआई 300 के करीब पहुंच गया है. भोपाल के पर्यावरण परिसर और टीटी नगर में लगातार एक्यूआई खराब केटेगरी में आ रहा है. एक नवंबर को एक्यूआई 315 दर्ज किया गया. सिर्फ भोपाल ही नहीं बल्कि प्रदेश के कई जिलों में एयर क्वालिटी खराब हुई है. इसमें सिंगरौली, ग्वालियर, इंदौर और उज्जैन भी शामिल हैं.

कोई बड़ा कदम नहीं उठाने पर बिगड़ेंगे हालात

विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि अगर शहर की हवा को सुधारने पर अभी से ध्यान नहीं दिया गया और जरूरी कदम नहीं उठाए गए तो धीरे धीरे स्थिति और  बिगड़ती जाएगी और भोपाल का हाल भी देश के सबसे प्रदूषित शहरों जैसा हो जाएगा. बता दें कि शून्य से 50 के बीच एक्यूआई अच्छा, 51 से 100 के बीच संतोषजनक, 101 से 200 के बीच मध्यम, 201 से 300 के बीच खराब, 301 से 400 के बीच बहुत खराब और 401 से 500 के बीच एक्यूआई गंभीर श्रेणी में माना जाता है.