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राष्ट्र निर्माण में 75 वर्षों से सहयोग दे रही GRASIM Industry को मिली सफलता, बढ़ा राजस्व

कॉटन के दाम निरन्तर बढ़त पर हैं, वीएसएफ के  साथ इसके दाम के बीच अंतर बढ़ रहा है, जिससे कोविड के खत्म होने व चीन में मांग में सुधार होने तक वीएसएफ के दामों को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।

भारत मे स्थित टैक्सटाइल वैल्यू चेन अधिकतम क्षमता का उपयोग करते हुए संचालित हुई। वीएसएफ व्यवसाय ने वित्तीय वर्ष 22 की चौथी तिमाही में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 22 प्रतिशत बढ़ते हुए 179 केटी की सेल्स वॉल्यूम (बिक्री मात्रा) दर्ज की। विलायत में हाल ही में प्रारम्भ किये गए 600 टीपीडी ब्राउनफील्ड प्लांट ने तिमाही के दौरान ~32 के टी की बिक्री मात्रा (सेल्स वॉल्यूम) का योगदान दिया और मार्च 22 में यह 83 प्रतिशत क्षमता के उपयोग के साथ संचालित की गई।

टैक्सटाइल उत्पादों के लिए वैश्विक मांग चीन द्वारा लगाई गई कोविड सम्बन्धी पाबंदियों एवं जारी रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते गैरमामूली तौर पर शांत रही। चीनी फाइबर और यार्न उद्योग ने वित्तीय वर्ष 22 की चौथी चौमाही के दौरान संचालन की दर को संतुलित रखा। ओमीक्रॉन के फैलने की वजह से चीन के वीएसएफ दामों में कमजोरी आई। वित्तीय वर्ष 22 की तीसरी तिमाही के आरएमबी  13,637 तुलना में वित्तीय वर्ष 22 की चौथी तिमाही में औसत निम्न स्तर पर आकर आरएमबी 12, 903 हो गया।

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कॉटन के दाम निरन्तर बढ़त पर हैं, वीएसएफ के  साथ इसके दाम के बीच अंतर बढ़ रहा है, जिससे कोविड के खत्म होने व चीन में मांग में सुधार होने तक वीएसएफ के दामों को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है। वीएफवाय व्यवसाय ने पिछले वर्ष की इसी अवधि में 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। वित्तीय वर्ष 22 की चौथी चौमाही में ऊंची इनपुट और फिक्स्ड लागत ने वित्तीय प्रदर्शन पर असर डाला है।

कैमिकल व्यवसाय:

कोविड के कारण लगाये गए प्रतिबंधों और रूस व यूक्रेन के बीच जारी युद्ध की वजह से बाधित सप्लाई चेन, वैश्विक स्तर पर कास्टिक सोडा के दामों में बढोत्तरी का कारण बना था। घरेलू कास्टिक सोडा के दामों में  भी वैश्विक कास्टिक सोडा के दामों और बढ़ती मांग के साथ वृद्धि हुई है। क्लोर- अल्कली व्यवसाय ने ऊंची होती लागत (पावर और अन्य लागत) के दबाव के बावजूद एक और शानदार तिमाही परिणाम दर्ज किए हैं। इसके पीछे ईसीयू में क्रमबद्ध सुधार वजह रहा।

एडवांस्ड मटेरियल व्यवसाय ने कम वसूली और लागत में बढोत्तरी के दबाव के चलते कमजोर वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया। एडवांस्ड मटेरियल के लिए घरेलू मांग के मजबूत रहने की संभावना है जबकि वैश्विक मांग कम अवधि के लिए कमजोर रह सकती है।

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पेंट व्यवसाय:

यह व्यवसाय, अपनी क्षमताओं के समयबद्ध कार्यान्वयन पर केंद्रित है। इसकी दो प्लांट साइट्स (पानीपत व लुधियाना) पर सिविल कंस्ट्रक्शन जारी है और जल्द ही चामराजनगर में भी इसके प्रारम्भ होने की संभावना है। शेष बचे तीन प्लांट्स शासकीय अनुमति प्रक्रिया के विभिन्न चरणों मे जारी हैं।

डेकोरेटिव पेंट सेक्टर के मार्किट डायनामिक्स (बाजार के गति सिद्धांत), मजबूत वृद्धि और आउटलुक के आधार पर की गई नई क्षमताओं की उद्घोषणा के साथ बदल गए हैं। हमने अपनी 1,332 एमएलपीए की पेंट की क्षमता के क्रियान्वयन में तेजी लाई है जिसके प्लांट वित्तीय वर्ष 24 की चौथी तिमाही तक प्रारम्भ हो जाएंगे। इस प्रोजेक्ट की लागत वित्तीय वर्ष 25 तक ~10,000 करोड़ रुपये होने की संभावना है।

पूंजीगत योजना (कैपेक्स प्लान):

वित्तीय वर्ष 22 के दौरान हुए कुल पूंजीगत खर्चे 2,537 करोड़ रुपये पर आ गए, जिसमे पेंट व्यवसाय पर खर्चे गए 579 करोड़ रुपये भी शामिल हैं।

डिविडेंड/ लाभांश:

ग्रेसिम के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 31 मार्च 2022 को समाप्त वर्ष के लिए ‘5 प्रति इक्विटी शेयर के लाभांश और इसके साथ ही ‘5 प्रति इक्विटी शेयर के विशेष लाभांश की सिफारिश की थी, जिससे सकल लाभांश ’10 प्रति इक्विटी शेयर पर पहुंच गया। लाभांश के अकाउंट पर कुल आउटफ्लो ‘658 करोड़ होगा।

सस्टेनबिलिटी/निरंतरता:

कम्पनी के वीएसएफ व्यवसाय ने वर्ष 2040 तक अपने सभी संचालनों में नेट ज़ीरो कार्बन उत्सर्जन पर  पहुंचने का लक्ष्य जारी रखा है। इसके साथ ही कम्पनी अपने ग्रीनहाउस गैस (जीएचजी) उत्सर्जन गहनता को वर्ष 2030 तक घटाकर आधा करने का लक्ष्य भी बनाया है। ग्रेसिम इंडस्ट्रीज को कापरी/कैप्री ग्लोबल कैपिटल हुरून इंडिया इम्पैक्ट-50 सूची द्वारा भारत की सर्वाधिक सस्टेनेबल कम्पनियों में पहली रैंक प्रदान की गई थी।

सीमेंट सब्सिडियरी- अल्ट्रा टेक सीमेंट लिमिटेड:

वित्तीय वर्ष 22 में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में अल्ट्रा टेक का समेकित राजस्व 18 प्रतिशत बढ़कर 52,599 करोड़ रुपये रहा। कम्पनी ने रूपये 12,022 करोड़ का ईबीआईटीडीए दर्ज किया और सेल्स वॉल्यूम ~94 एमटीपीए रही। इनपुट कॉस्ट में बढ़ोत्तरी का प्रभाव सम्पूर्ण बोर्ड पर देखा गया, पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में एनर्जी कॉस्ट बढ़कर 48 प्रतिशत, पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में रॉ मटेरियल कॉस्ट 7 प्रतिशत और पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में लॉजिस्टिक कॉस्ट 4 प्रतिशत बढ़ गई। समेकित सकल कर्ज, 0.32× के समेकित सकल कर्ज/ईबीआईटीडीए के साथ,  वित्तीय वर्ष 21 के 6,717 करोड़ रुपये से घटकर वित्तीय वर्ष 22 में 3,910 करोड़ रुपये हो गया।

वित्तीय सेवा प्रदाता- आदित्य बिरला कैपिटल लिमिटेड (एबीसीएल):

वित्तीय वर्ष 22 के लिए आदित्य बिरला कैपिटल लिमिटेड (एबीसीएल) का समेकित राजस्व पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 15 प्रतिशत बढ़कर 22,230 करोड़ रूपये तथा माइनॉरिटी ब्याज के पश्चात कुल लाभ पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 51 प्रतिशत बढ़कर 1,706  करोड़ रूपये हो गया है। वित्तीय वर्ष22 की चौथी तिमाही के लिए राजस्व व कुल लाभ क्रमशः 18 प्रतिशत व 20 प्रतिशत बढ़कर क्रमशः 6,617 करोड़ व 450 करोड़ हो गया। एबीसीएल का फोकस 31 मिलियन के एक्टिव कस्टमर बेस की मात्रा को अधिकतम करने तथा बड़े पैमाने पर ग्राहक अधिग्रहण करने की ओर है।

एनबीएफसी लोन बुक वित्तीय वर्ष 22 में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 13 प्रतिशत बढ़कर 55,180 करोड़ रूपये पर रही है। एनबीएफसी व्यवसाय के लिए सकल भुगतान वित्तीय वर्ष 22 की चौथी तिमाही में 9,891 करोड़ रुपये पर रहा जो कि पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 51 प्रतिशत और पिछली तिमाही की इसी अवधि की तुलना में 49 प्रतिशत बढ़ा। इसका मुख्य कारण अपने रिटेल, एसएमई व एचएनआई सेगमेंट पोर्टफोलियो की वृद्धि पर ध्यान केंद्रित करना था। एनबीएफसी व्यवसाय के लिए कुल इंटरेस्ट मार्जिन (फी इनकम को मिलाकर) पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में वित्तीय वर्ष 22 में 91 बीपीएस बढ़कर 6.255 प्रतिशत पर पहुंचा।

असैट मैनेजमेंट में,घरेलू AAUM वित्तीय वर्ष 22 में, पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 20  प्रतिशत बढ़कर 2,92,578 करोड़ रूपये हो गया। PBT/AAUM  भी बढ़कर वित्तीय वर्ष 21 में 28.5 बीपीएस से बढ़कर वित्तीय वर्ष 22 में  30.6 बीपीएस हो गया। जीवन बीमा में, इंडिविजुअल प्रथम वर्ष प्रीमियम (एफवाईपी) पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 14 प्रतिशत बढ़कर 2,212 करोड़ रूपये हो गया और  कुल प्रीमियम वित्तीय वर्ष 22 में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 24 प्रतिशत बढ़ते हुए 12,140 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

Source : PR