लखनऊ, 27 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्री अयोध्या धाम में आयोजित होने वाले 10वें भव्य-दिव्य दीपोत्सव को लेकर प्रदेशवासियों के साथ अपनी भावनाएं साझा कीं। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि सप्तपुरियों में श्रेष्ठ अयोध्या धाम दीपोत्सव के स्वागत में उत्साह और उमंग से सराबोर है। उन्होंने दीपोत्सव को सनातन संस्कृति के गौरव, आस्था और सांस्कृतिक स्वाभिमान का प्रतीक बताया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरयू तट पर लाखों दीपों की अलौकिक रोशनी, रामायण के प्रसंगों को जीवंत करती झांकियां, भव्य शोभायात्राएं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां त्रेतायुग की स्मृतियों को जीवंत करेंगी। हर दीप प्रभु श्री राम के प्रति श्रद्धा का प्रतीक होगा और सनातन संस्कृति के गौरव का संदेश देगा।
2017 के बाद अयोध्या में विकास को मिली नई गति
सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले अयोध्या उपेक्षा, अव्यवस्था और बदहाली का सामना कर रही थी। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए रामभक्तों पर गोली चलवाने और हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने से जुड़ा आरोप भी लगाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार ने अयोध्या के विकास और प्राचीन वैभव को पुनर्स्थापित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। भव्य श्री राम मंदिर, महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, सुसज्जित रामपथ, नव्य घाट और सौर ऊर्जा से जुड़ी पहल अयोध्या को नई पहचान दे रही हैं।
दीपोत्सव बनेगा सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक
सीएम योगी ने बताया कि वर्ष 2017 में 1.71 लाख दीपों से शुरू हुई दीपोत्सव की यात्रा आज विश्वभर के रामभक्तों की आस्था का प्रतीक बन चुकी है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस वर्ष भी दीप प्रज्ज्वलन का नया विश्व कीर्तिमान स्थापित करने का प्रयास होगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, दीपोत्सव केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि आस्था, सांस्कृतिक स्वाभिमान और विकसित भारत के संकल्प का प्रतीक है।










