टेरर फंडिंग रोकने में नाकाम पाकिस्तान को बड़ा झटका, FATF ने ब्लैक लिस्ट में डाला

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नई दिल्ली। पाकिस्तान अपनी नापाक हकरतों की वजह से दुनियाभर के देशों के बीच अकेला पड़ गया है। इसी बीच पाकिस्तान को एक और बड़ा झटका लगा है। एशिया-पैसिफिक ग्रुप (एपीजी) के मानकों को पूरा करने में पाकिस्तान विफल साबित हुआ है। इसके बाद फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया है। बताया जा रहा है कि टेरर फंडिंग रोकने के 11 मानकों में से 10 में फेल हो गया है, जिसके बाद एफएटीएफ ने यह कदम उठाया है।

एपीजी की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान अपने कानूनी और वित्तीय प्रणालियों के लिए 40 मानकों में से 32 को पूरा नहीं कर पाया। इसके अलावा टेरर फंडिंग के खिलाफ सुरक्षा उपायों के लिए 11 मापदंडों में से 10 को पूरा करने में पाकिस्तान नाकाम रहा। अब पाकिस्तान अक्टूबर में ब्लैक लिस्ट हो सकता है, क्योंकि एफएटीएफ की 27-पॉइंट एक्शन प्लान की 15 महीने की समयावधि इसी साल अक्टूबर में खत्म हो रही है।

न्छ में चीन और पाकिस्तान की फिर हुई बेइज्जती

कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के बाद से बोखलाया पाकिस्तान दुनियाभर के सामने मदद के लिए गिड़गिड़ा रहा हैं। पाकिस्‍तान और उसका साथ दे रहे चीन का असल चेहरा संयुक्त राष्ट्र में सामने आ गया हैं। दरअसल, यूएन में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर हुई विशेष बैठक में अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा ने वैश्विक समुदाय को संबोधित करते हुए खास तौर पर चीन और पाकिस्‍तान को खरी-खोटी सुनाई।

हालांकि पाकिस्तान और चीन में हो रहे धार्मिक अल्‍पसंख्‍यकों पर अत्याचारों और उनके ह्यूमन राइट्स के उल्‍लंघन का मुद्दा खास तौर पर उठाया गया जिसमे दुनिया भर के सामने इस मुद्दे को बेनकाब कर सच्चाई सामने लाई गई। इस मुद्द पर चीन और पाकिस्तान को खूब खरी खोटी सुनाई गई। अमेरिका के प्रतिनिधिक सैम ब्राउनबैक बोले पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यक या तो बहुतसंख्‍यक समुदाय के असामाजिक तत्वों के हाथों पीड़ित होते हैं या भेदभावपूर्ण कानूनों के माध्यम से पीड़ित रहते हैं।

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