ईवीएम ने फिर साबित की अपनी निष्पक्षता, सही निकला वीवीपैट से 100 फीसदी मिलान | EVM-VVPAT Verification passed the Test in Loksabha Elections 2019 Counting Results

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लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों द्वारा ईवीएम पर लगातार सवाल उठाए जा रहे थे साथ ही ईवीएम से वीवीपैट से 50 फिसदी पर्चियों की भी मांग की थी जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। लेकिन चुनाव परिणाम के बाद निर्वाचन आयोग के आंकड़ो की माने तो ईवीएम और वीवीपैट का मिलान पूरी तरह से सही निकला और विपक्ष का संदेह गलत साबित हुआ है। हालांकि पूर्व चुनाव आयुक्त डॉ. एसवाई कुरैशी ने कहा कि आंध्र प्रदेश में एक गलती पाई गई, जिसकी वजह मशीन का खराब हो जाना बताया जा रहा है।

20,625 वीवीपैट का ईवीएम से किया गया मिलान –
सभी राज्यों के चुनाव अधिकारियों के मुताबिक 20,625 वीवीपैट का ईवीएम से मिलान किया गया था जिसमें एक भी मशीन मिसमैच नहीं हुई है। बता दे कि इस बार के लोकसभा चुनाव में 90 करोड़ मतदाताओं को नई सरकार का फैसला करना था। जिसके लिए चुनाव आयोग ने कुल 22.3 लाख बैलेट यूनिट, 16.3 लाख कंट्रोल यूनिट और 17.3 लाख वीवीपैट का उपयोग किया था।

2013 -14 में शुरू हुई थी वीवीपैट की व्यवस्था –
गौरतलब है कि 8 अप्रैल को आए सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के चलते चुनाव आयोग को लोकसभा सीट के कम से कम 5 पोलिंग बूथ पर ईवीएम और वीवीपैट का मिलान करना था। बता दे कि ईवीएम में दर्ज मतो की उचित जानकारी और रिकॉर्ड के लिए 2013-14 में वीवीपैट की व्यवस्था में शुरू की गई थी।

वहीं ईवीएम में छेड़छाड़ की संभावना को जाहिर करते हुए चेन्नई के एक एनजीओ ने सुप्रीम कोर्ट में ईवीएम और वीवीपैट की पर्चियों की 100 फीसदी मिलान की याचिका दायर की थी। जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था।

इससे पहले 7 मई को 21 विपक्षी दलों की ईवीएम और वीवीपैट की 50 फीसदी पर्चियों के मिलान वाली याचिका को भी शीर्ष अदालत ने खारिज कर दिया था। साथ ही विपक्षी दलों की पुनर्विचार याचिका को भी अदालत की ओर से खारिज कर दिया था।

चुनाव आयोग की बैठक आज –
वहीं चुनाव आयोग शनिवार को लोकसभा चुनाव में जीते हुए उम्मीद्वारों की सूची को अंतिम रूप देने के लिए बैठक कर सकता है। बताया जा रहा कि सूची को अंतिम रूप दिए जाने के बाद आयोग द्वारा इसे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को सौंपा जाएगा।

खबरों की माने तो सूची को अंतिम रूप देने के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्त राष्ट्रपति कोविंद से भी मुलाकात कर सकते हैं। साथ ही राष्ट्रपति को सूची सौंपने बाद 17वीं लोकसभा के गठन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

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