मायावती को बड़ा झटका, बसपा सरकार के दौरान चीनी मिलों की बिक्री की होगी सीबीआई जाँच

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लोकसभा चुनाव के नतीजों से पूर्व बसपा सुप्रीमो मायावती की मुश्किलें बढ़ गई है। दरअसल केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उत्तर प्रदेश में मायावती सरकार के दौरान 21 सरकारी चीनी मिलों की बिक्री में की गई कथित अनियमितता की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों की मानें तो वर्ष 2011 में मायावती के कार्यकाल के दौरान चीनी मिलों बिक्री से सरकारी खजाने को करीब 1179 करोड रुपए का नुकसान उठाना पड़ा था।

सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि चीनी मिलों की में हुई अनियमितताओं की जांच के लिए एक प्राथमिकी दर्ज की गई है और 6 प्रारंभिक जांच शुरू की गई है। बता दें कि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 12 अप्रैल 2018 को इस मामले की सीबीआई जांच कराने की सिफारिश की थी।

अधिकारियों के अनुसार जांच एजेंसी द्वारा उक्त मामले में उत्तर प्रदेश सरकार के किसी अधिकारी या राज्य के किसी नेता को नामजद आरोपी नहीं बनाया है। उन्होंने बताया कि सीबीआई ने उत्तर प्रदेश राज्य चीनी निगम लिमिटेड की मिलों की खरीद के दौरान फर्जी दस्तावेज जमा करने वाले 7 लोगों के खिलाफ  420, 408, 477। 471 एवं धारा 629। कंपनी अधिनियम 1956 के तहत मामला दर्ज किया है। जिसमें राकेश शर्मा (दिल्ली), धर्मेंद्र गुप्ता गाजियाबाद), सौरभ मुकुंद (सहारनपुर), मोहम्मद जावेद (सहारनपुर), सुमन शर्मा (दिल्ली), मोहम्मद नदीम अहमद (सहारनपुर) और मोहम्मद वाजिद (सहारनपुर) का नाम शामिल है।

अधिकारियों के अनुसार प्रदेश सरकार ने 21 चीनी मिलों की बिक्री और देवरिया, बरेली, लक्ष्मीगंज, हरदोई, रामकोला, चिट्टौनी और बाराबंकी में बंद पड़ी सात मिलो की खरीद में सीबीआई जांच करवाने की मांग की थी। इससे पहले लखनऊ पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी।

बताया जाता है कि मायावती सरकार पर आरोप है कि उन्होंने 10 चालू मिलो सहित 21 मिलोगे बाजार दर से कम पर भेज दिया था जिसके चलते सरकारी खजाने को 1179 रुपये का नुकसान हुआ था।