धार: लीकेज डैम को बचाने के लिए लगातार जारी है कोशिशें, काली चट्टान बनी मुसीबत, जल्द की जाएगी पानी की निकासी

धार जिले के डैम को बचाने के लिए प्रशासनिक अमला लगातार कोशिशें कर रहा है.

धार: धार की कारम नदी पर बने डैम को लगातार बचाने की कोशिश की जा रही है. धसक रही दीवार का प्रेशर कम करने के लिए साइड से नहर खोदी जा रही हैं. लेकिन आपदा प्रबंधन के इस काम में काली चट्टाने मुसीबत बन गई हैं. इससे निपटने के लिए रॉक कटर की सहायता ली जा रही है. अब खबर आ रही है कि चैनल बनाने का काम लगभग पूर्ण कर लिया गया है और जल्द ही पानी की निकासी की जाएगी.

जानकारी के मुताबिक स्थिति को देखते हुए IIT रुड़की और केंद्रीय जल आयोग की टीम ने रणनीति में बदलाव भी किया है. बताया जा रहा है की पानी छोड़ने से पहले यहां पर जंबो पॉली बैग बिछाए जाएंगे, ताकि मिट्टी के कटाव को कम किया जा सके.

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स्थिति को देखते हुए सेना ने मोर्चा संभाल लिया है. शनिवार को सेना के 15 सीटर हेलीकॉप्टर खरगोन जिले के महेश्वर पहुंचा है, जिस पर 15 जवान सवार थे. जवानों ने डैम के हालातों को देखा और इसके बाद हेलीकॉप्टर से कारण नदी का चक्कर लगाते हुए स्थिति का जायजा लिया था.

मेधा पाटकर भी डैम पर पहुंची थी और उन्होंने स्थिति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली थी. इसके अलावा मंत्री तुलसी सिलावट राजवर्धन सिंह वहीं पर मौजूद है और हालातों की समीक्षा करते हुए लगातार बांध को बचाने की कोशिशों की देखरेख कर रहे है. डैम में दाहिनी तरफ एक चैनल बनाकर पानी निकालने की कोशिश की जा रही है. पहले दो मशीनें काम कर रही थी, लेकिन बाद में पांच मशीनों को इस काम में लगा दिया गया है. 30 फीट से ज्यादा गहरा गड्ढा किया जा चुका है और सोल्डर पत्थर और मिट्टी के कारण मशीनों को काम करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था. बड़ी-बड़ी चट्टानों को हटाने के लिए रॉक कटर मशीन से काम किया जा रहा