कांग्रेस का मोदी सरकार पर आरोप, RBI पर थोपी गई थी नोटबंदी | congress attacks on modi government

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JaiRam Ramesh

नोटबंदी को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को मोदी सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि नोटबंदी घोटाला थी। इसके लिए रिजर्व बैंक पर दबाव बनाया गया था। उन्होंने कहा कि इस दौरान बड़े पैमाने पर मनी लांड्रिंग हुई थी। कांग्रेस की सरकार आई तो हम इसकी जांच कराएंगे।

नोटबंदी को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जिसमें नोटबंदी को लेकर मोदी सरकार बड़ा आरोप लगाया है। कांग्रेस वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि नोटबंदी सिर्फ और सिर्फ घोटाला थी। नोटबंदी के लिए आरबीआई पर दबाव डाला गया था। नोटबंदी के ​जरिये मनी लांड्रिंग हुई।

उन्होंने कहा कि आरटीआई निकाला तो डरना क्या, सही जानकारी ली कोई चोरी नहीं की’ क्योंकि आजकल कोई सही जानकारी लेने पर उसे चोरी कहा जाता है। 8 नवम्बर, 2016 को आरबीआई के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की दिल्ली में एक बैठक हुई थी। इस मीटिंग में हुई बातचीत की औपचारिक जानकारी नहीं मिली थी।

आरबीआई के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल 3 बार संसद की 3 समितियों के सामने आये और तीनों बैठकों में गवर्नर साहब ने औपचारिक तौर पर ये नहीं बताया कि इस बैठक में क्या बातचीत हुई। आरबीआई के सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 561वीं बैठक में तब के गवर्नर उर्जित पटेल, वर्तमान गवर्नर शक्तिकांत दास भी मौजूद थे।

जयराम ने कहा कि आरबीआई की बैठक में कहा गया था कि अधिकतर कालाधन कैश में नहीं होता है। लोग उसे सोने और रियल एस्टेट के रूप में रखते हैं। आरबीआई के सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 561वीं बैठक में रिजर्व बैंक ने कहा था कि नोटबंदी से फर्जीनोटों के इस्तेमाल में कोई असर नहीं होने वाला है। रिजर्व बैंक ने कहा था कि पर्यटकों पर नोटबंदी का तात्कालिक असर होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा था कि अर्थव्यवस्था में जो नोट चल रहे हैं वो काफी ज्यादा हैं और हम कैशलेस, जिसे बाद में बदलकर लेस कैश कर दिया, अर्थव्यवस्था बनाना चाहते हैं।

अब इससे साफ हो जाता है कि जिन कारणों से नोटबंदी करवाई गयी थी, उन सभी कारणों को आरबीआई के सेंट्रल बोर्ड ने नकारा था। फिर भी बोर्ड द्वारा नोटबंदी का समर्थन करने से साफ है कि उन पर दबाव डाला गया था। पिछले ढाई वर्षों में नोटबंदी से काफी नकारात्मक असर हुआ है। असंगठित क्षेत्र के लोगों पर, ग्रामीण इलाकों में, कृषि से जुड़े लोगों पर इसका बेहद बुरा असर हुआ। नोटबंदी के निर्णय को आज भी सारा देश भुगत रहा है और ये भी साफ है कि नोटबंदी से कालेधन पर कोई असर नहीं पड़ा।

26 महीनों की कोशिशों के बाद आरटीआई से ये जानकारी निकल कर सामने आ पायी और मुझे पूरा भरोसा है कि और भी कई सारे सच बाहर निकल कर आयेंगे। क्योंकि ये सरकार जाने वाली है और सच्चाई सामने आने वाली है। यूपीए-1 द्वारा पारित बनाये गये सबसे पहले कानूनों में आरटीआई था, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सकी। ये जानकारी सिर्फ आरटीआई के कारण ही सामने आयी।

नोटबंदी निश्चित तौर पर एक ‘तुगलकी फरमान’ था, जिस पर कोई बातचीत नहीं की गयी कोई सलाह नहीं ली गयी। इसके नतीजे आज भी देश भुगत रहा है। पिछले 5 सालों में पहली बार हमारे देश में मौजूदा रोज़गार समाप्त हुए हैं।

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