चंद्रयान-2 : इसरो 21-22 जुलाई को लॉन्च कर सकता है मिशन

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नई दिल्ली : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने 15 जुलाई को होने वाले चंद्रयान-2 मिशन को रोक दिया था। जिसके बाद बताया जा रहा है कि अब इस मिशन को इसरो 21 जुलाई की दोपहर या फिर 22 जुलाई की सुबह चंद्रयान-2 मिशन को लॉन्च कर सकता है। गौरतलब है कि लॉन्चिंग से करीब 56 मिनट पहले मिशन को तकनीकी कारणों से रोक दिया गया था।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने कहा, ‘इंजन में लिक्विड ऑक्सिजन (ऑक्सीडाइजर) और लिक्विड हाइड्रोजन (ईंधन) भरने के बाद हीलियम को भरने का काम हो रहा था। प्रक्रिया 350 बार तक हीलियम की बोतल पर दवाब डालने की थी और आउटपुट को 50 बार पर सेट करना था। हीलियम भरने के बाद हमने पाया कि दबाव तेजी से कम हो रहा है। जिससे लीक का संकेत मिला। टीम अब भी गैस बॉटल में हुए असल लीक के स्थान का पता लगाने की कोशिश कर रही है। इसमें कई लीक हो सकते हैं।’

इसरो के सबसे महत्वपूर्ण मिशन कहे जा रहे चंद्रयान-2 को लेकर देशभर में लोग उत्सुक थे। मिशन को लेकर श्रीहरिकोटा में 50 दिन से तैयारी चल रही थी, किंतु मिशन शुरू होने से महज 56 मिनट पहले इसरो के वैज्ञानिकों को कुछ तकनीकी खामी नजर आई, जिस वजह से इस मिशन को फिलहाल के लिए टाल दिया गया।

श्रीहरिकोटा में सोमवार तड़के देशभर के 5,000 लोग पहली बार रॉकेट लॉन्च को अपनी आंखों से देखने के लिए इकट्ठा हुए थे। उन्होंने इस तरह की निराशा की उम्मीद तक नहीं की थी। मिशन कंट्रोल सेंटर की वीआईपी गैलरी में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी मौजूद थे। मिशन के रुकने से सभी के हाथ मायूसी लगी।

978 करोड़ रुपये के चंद्रयान मिशन में जीएसएलवी-एमके 3 लॉन्च व्हीकल का इस्तेमाल किया गया है। जिसमें थ्री-स्टेज क्रायोजेनिक तकनीक से लैस सीई-20 इंजन लगा हुआ है। क्रायोजेनिक स्टेज में ईंधन के तौर पर लिक्विड हाइड्रोजन और ऑक्सीडाइजर के रूप में लिक्विड ऑक्सीजन का उपयोग करता है।

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