यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती (Mayawati) ने अपने जन्मदिन के मौके पर बड़ा ऐलान किया है। मायावती ने रविवार को लखनऊ में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी पार्टी बीएसपी अपने दम पर अकेले ही लोकसभा चुनाव और 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव लड़ेगी। बीएसपी किसी अन्य दलों से गठबंधन नहीं करेगी।

उन्होंने कहा कि जातिवादी और संकीर्ण ताकतें साम दाम दंड भेद से बसपा को दूर करने में जुटी हैं। ग्लोबल समिट के नाम पर यह जो निवेश आ रहा है यह केवल भाजपा की खराब नीतियों पर पर्दा डालने की नाटक बाजी है। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी में लोगों को उजाड़ा जा रहा है कानून व्यवस्था की आड़ में घिनौना खेल खेला जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब ओबीसी आरक्षण पर भी भाजपा कांग्रेस सपा की राह पर चल निकली है।

कांग्रेस और अन्य दल कर रहे बसपा से गठबंधन की कोशिश

बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि कांग्रेस और कुछ अन्य दल हमारी पार्टी से गठबंधन करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हमारी विचारधारा अन्य पार्टियों से एकदम अलग है। बसपा लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनावों में किसी भी पार्टी से कोई गठबंधन नहीं करेगी। उन्होंने आगे कहा कि पिछले कुछ वर्षों से देश में ईवीएम के जरिए चुनाव कराने को लेकर यहां की जनता में किस्म-किस्म की आशंकाएं व्याप्त हैं। इसे दूर और खत्म करने के लिए अब यहां आगे सारे छोटे-बड़े चुनाव पूर्व की तरह बैलेट पेपर पर कराए जाएं।

इस मौके पर मायावती ने मेरे संघर्ष में जीवन एवं बीएसपी मूवमेंट का सफरनामा भाग 18 का भी विमोचन किया। उन्होंने खासतौर से बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने पर जोर दिया। कहा कि जब-जब बैलेट से चुनाव हुआ बसपा का जनाधार बढ़। ईवीएम आने के बाद ही यह गड़बड़ी हुई। उन्होंने कहा कि बसपा के युवा तैयार हो जाए एक न एक दिन सिस्टम भी फेल होगा। जिन जिन देशों में बैलेट पेपर से पहले चुनाव होता था दोबारा उसी से शुरू कर दिया गया है।

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बसपा प्रमुख ने आगे कहा कि हर बार पार्टी के लोग मेरा जन्म दिन मानते हैं, मैं सबका आभार व्यक्त करती हूं। मैंने सभी महापुरुषों के मूमेंट को आगे बढ़ाने के लिए काम किया है। हमारी पार्टी समाज में गरीब, कमजोर और असहाय के लिए ईमानदारी से संघर्ष करती है और यही वजह है कि हमने 4 बार सरकार चलाई है. मेरे जन्मदिन पर गरीब और कमजोर लोगों के लिए कई योजनाएं चलाई गईं, जोकि जो दूसरों दलों का अच्छी नहीं लगती है। बीजेपी और इनके समर्थक पार्टियों की वजह से भ्रष्टाचार बढ़ रहा है. ये पार्टी निवेश के नाम नाटकबाजी कर रही है, ताकि गरीबों को कोई फायदा न मिले।