टूटी आम आदमी की कमर, 16 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंची महंगाई दर

यह लगातार तीसरा महीना है जब महंगाई आरबीआई की टारगेट रेंज से ज्यादा रही है. आरबीआई की ओर से जारी आदेश में महंगाई की दर 2 से 6 फ़ीसदी के बीच रखने को कहा गया है. मिनिस्ट्री ऑफ़ स्टेटिस्टिक्स एंड प्रोग्राम इंप्लीमेंटेशन की ओर से कुछ आंकड़े जारी किए गए हैं जिसके मुताबिक मार्च में महंगाई की दर खाने-पीने के सामानों में आए उछाल की वजह से बढ़ी है.

दिल्ली। देश में महंगाई दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं. महंगाई का स्तर इतना ज्यादा हो गया है कि यह अपने 16 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई है. सरकार की ओर से एक का डाटा जारी किया गया है जिसके मुताबिक खुदरा महंगाई दर फरवरी के मुकाबले 14.49 फीसदी बढ़कर 6.95% पर पहुंच गई है फरवरी में यह आंकड़ा 6.07% था.

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यह लगातार तीसरा महीना है जब महंगाई आरबीआई की टारगेट रेंज से ज्यादा रही है. आरबीआई की ओर से जारी आदेश में महंगाई की दर 2 से 6 फ़ीसदी के बीच रखने को कहा गया है. मिनिस्ट्री ऑफ़ स्टेटिस्टिक्स एंड प्रोग्राम इंप्लीमेंटेशन की ओर से कुछ आंकड़े जारी किए गए हैं जिसके मुताबिक मार्च में महंगाई की दर खाने-पीने के सामानों में आए उछाल की वजह से बढ़ी है. मार्च महीने में खाने-पीने के दाम में 7.68 फीसदी का उछाल आया है फरवरी में यह 5.85 फीसदी था. अगर महंगाई की दर इसी तरह बढ़ती गई तो जून से ब्याज दरों में भी इजाफा हो सकता है क्योंकि जून में आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की अगली बैठक होने वाली है.

बहरहाल जो भी हो लेकिन इस बढ़ती महंगाई नहीं आम जनता को चिंता में डाल दिया है और हर घर का बजट बिगड़ता दिखाई दे रहा है.