नई दिल्ली : डायबिटीज़ के नियन्त्रण एवं रिवर्सल के लिए व्यापक डिजिटल केयर प्लेटफॉर्म, जिसकी स्थापना गौतम चोपड़ा, यश सहगल और कुनाल किनालेकर द्वारा की गई, ने लाईटरॉक इंडिया के नेतृत्व में सीरीज़ बी फंडिंग में 33 मिलियन डॉलर की राशि जुटाई है। इस फंडिंग राउण्ड में हेल्थक्वैड, फ्लिपकार्ट वेंचर्स और मौजूदा निवेशकों ने भी हिस्सा लिया था। 200 मिलियन से अधिक भारतीयों को डायबिटीज़ का खतरा है जिसकी वजहवजा से भारत जल्द ही दुनिया की डायबिटीज़ राजधानी बन करबनने के लिए चीन से आगे निकल जाएगा। समस्या और भी गंभीर हो जाती है, जब इन मरीज़ों में निदान में देरी के चलते डायबिटीज़ के लक्षण पहले से गंभीर स्थिति तक पहुंच चुके होते हैं।

सही सिस्टम के अभाव एवं विशेषज्ञों की कमी के चलते, खासतौर पर टियर 2 दूसरे स्तर के शहरों में जहां हमारी बड़ी आबादी रहती है, बहुत से लोग डायबिटीज़ के लिए उचित देखभाल से वंचित रह जाते हैं। यही कारण है कि हमारे देश में डायबिटीज़ के 80 फीसदी मरीज़ों में ब्लड ग्लुकोज़ का लैवल नियन्त्रण में नहीं रह पाता। इसके अलावा विकसित देशों के विपरीत, भारत में डायबिटीज़ के मरीज़ों को अपने इलाज और देखभाल का खर्च खुद ही उठाना पड़ता है, अक्सर इनके पास ऐसा कोई इंश्योरेन्स प्रोडक्ट नहीं होता, जो उन्हें अस्पताल में भर्ती तक के लिए कवरेज दे सके।

बीटो डायबिटीज़ के लाखों मरीज़ों को किफ़ायती, व्यापक एवं रोगी-केंद्रित डिजिटल समाधान उपलब्ध कराकर इन खामियों को दूर करने के लिए प्रयासरत है, खासकर उन उन्न लोगो तक जिनके पास अच्छी देखभाल एवं उपचार उपलब्ध नहीं है। बीटो डायबिटीज़ केयर मार्केट का विस्तार कर रहा है; इसके 70 फीसदी से अधिक उपभोक्ता यूज़र टियर 2 दूसरे स्तर के शहरों और छोटे नगरों से हैं, 55 फीसदी यूज़र ऐसे हैं जिन्होंने इससे पहले ब्लड ग्लुकोज़ मॉनिटरिंग डिवाइस का इस्तेमाल कभी नहीं किया है।

वर्तमान में 15 लाख उपभोक्ताओ सदस्यों को अपनी सेवाएं उपलब्ध कराने वाली यह कंपनी पिछले एक साल में 3 गुना विकसित हुई है और भारत में डायबिटीज़ केयर सिस्टम में बदलाव लाकर मार्केट लीडर बनने के लिए तैयार है। मरीज़ों को किफ़ायती एवं विशेषज्ञ देखभाल उपलब्ध कराने के मिशन के साथ बीटो ने इंश्योरेन्स एवं फार्मास्युटिकल सेक्टर के बड़े दिग्गजों के साथ साझेदारियों की हैं।

दुनिया भर में बीटो द्वारा किए गए अध्ययनों के परिणामों को विश्वस्तरीय संस्थानों जैसे प्रतिष्ठित अमेरिकन डायबिटीज़ एसोसिएशन, इंटरनेशनल डायबिटीज़ फेडरेशन एवं अडवान्स्ड टेक्नोलॉजी एण्ड ट्रीटमेन्ट फॉर डायबिटीज़ द्वारा प्रकाशित किया गया है। ये विश्वस्तर पर बड़ी आबादी पर किए गए अध्यन हैं, जो विभिन्न आयुवर्गों, लिंगों एवं अलग-अलग प्रकार के डायबिटीज़ में हाइपरग्लाइसेमिया, हाइपोग्लाइसेमिया, वज़न में कमी एवं डिजिटल डायबिटीज़ केयर की दिशा में बीटो के प्रयासों की क्षमता की पुष्टि करते हैं। इन परिणामों से साफ है कि बीटो के एक यूज़र में 90 दिनों के अंदर HbA1c लेवल में औसतन 1.8 फीसदी पॉइन्ट की गिरावट आई है।

इस नई फंडिंग के बारे में बात करते हुए गौतम चोपड़ा, बीटो के सह-संस्थापक एवं सीईओ ने कहा, ‘‘अपने डिजिटल फर्स्ट समाधानों के माध्यम से बीटो लाखों भारतीयों के लिए डायबिटीज़ देखभाल के नए मानक स्थापित करने के लिए तैयार है। हमें खुशी है कि ये दिग्गज साझेदार हमारी इस यात्रा में हमारे साथ जुड़ गए हैं और हमारे लक्ष्य को हासिल करने में योगदान दे रहे हैं।”

तेजस्वी रवि, जो लाईटरॉक इंडिया में हेल्थकेयर इन्वेस्टमेन्ट्स का नेतृत्व करते हैं, ने कहा, ‘‘बीटो अपने महत्वाकांक्षी मिशन के साथ भारत में डायबिटीज़ केयर में बदलाव लाने के लिए कार्यरत है। इनके पास विश्वस्तरीय टीम है, जो उच्च गुणवत्ता की देखभाल प्रदान कर मरीज़ों के चिकित्सकीय परिणामों में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद करती है।”

इस नई जुटाई गई राशि का उपयोग देश भर में बीटो के डायबिटीज़ केयर प्रोग्राम का विस्तार करने, उनकी लीडरशिप टीम को सशक्त बनाने तथा बीटो के प्रोडक्ट्स एवं आधुनिक टेक्नोलॉजी में निवेश के लिए किया जाएगा। बीटो अपने केयर प्रोग्राम्स में प्रमाण आधारित अध्ययनों को जारी रखते हुए दुनिया भर में डायबिटीज़ केयर में नए मानक स्थापित करेगा। बीटो ने 2025 तक 10 मिलियन से अधिक मरीज़ों को अपनी सेवाएं प्रदान करने और भारत की सबसे बड़ी डायबिटीज़ केयर कंपनी बनने का लक्ष्य रखा है।

अजय महिपाल, डायरेक्टर, हेल्थक्वैड ने कहा, ‘‘डायबिटीज़ केयर के लिए बीटो का फुल-स्टैक इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म किफ़ायती, गुणवत्तापूर्ण सेवाओं को सुलभ बनाता है। डिवाइस फर्स्ट दृष्टिकोण के साथ चिकित्सकीय परिणामों को ध्यान में रखते हुए पेश किए इसके समाधान मरीज़ों को डायबिटीज़ के प्रबन्धन में मदद करते हैं। बीटो डायबिटीज़ की मॉनिटरिंग, नियन्त्रण एवं रिवर्सल के लिए काम करता है। हम मरीज़ों को गुणवत्तापूर्ण देखभाल उपलब्ध कराने के लिए ऐसी फर्मों के साथसाझेदारियां कर रहे हैं, जो इनोवेशन्स के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’

इस निवेश के बारे में बात करते हुए रवि अइयर, सीनियर वाईस प्रेज़ीडेन्ट एवं हैड-कॉर्पोरेट डेवलपमेन्ट, फ्लिपकार्ट ने कहा, ‘‘बीटो में इस निवेश के माध्यम से फ्लिपकार्ट वेंचर्स एक ऐसे कारोबार को सहयोग प्रदान करने जा रहा है, जो नई पीढ़ी के इनोवेशन्स के साथ डिजिटल हेल्थ सिस्टम में नए बदलाव लाने के लिए तैयार है। बीटो अपने समग्र, विशिष्ट एवं किफ़ायती डिजिटल केयर समाधानों के द्वारा भारत में डायबिटीज़ की गंभीर होती समस्या को हल करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।” कंपनी के मौजूदा मार्की निवेशकों में ओरिओस वेंचर पार्टनर्स, लियो कैपिटल, डब्ल्यू हेल्थ वेंचर्स, ब्लूम वेंचर आदि शामिल हैं।

बीटो के बारे में

बीटो एक डिजिटल ऐप-आधारित प्लेटफॉर्म है जो विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में डायबिटीज़ को रोकने, नियंत्रित करने और रेवेर्सल के लिए नैदानिक ​​रूप से सिद्ध, व्यापक डायबिटीज़ केयर प्रोग्राम्स प्रदान करता है। इन प्रोग्राम्स के परिणाम शीर्ष संस्थानों जैसे अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन एडीए) और एडवांस्ड टेक्नोलॉजीज एंड ट्रीटमेंट फॉर डायबिटीज (एटीटीडी) द्वारा प्रकाशित किए गए हैं।

बीटो के ईकोसिस्टम में इसके नए अभिनव स्मार्टफोन से जुड़े ग्लूकोमीटर शामिल हैं जो व्यक्तिगत इनसाइट अंतर्दृष्टि प्रदान करने के लिए बीटो ऐप के साथ मिलकर काम करते हैं और चिकित्सा विशेषज्ञों की एक अनुभवी टीम – स्वास्थ्य कोच, पोषण विशेषज्ञ और शीर्ष डॉक्टरों तक 24X7 पहुंच प्रदान करते हैं। बीटो डायबिटीज़ की रोज़मर्रा की ज़रूरी चीज़ों जैसे दवाएँ, लैब टेस्ट, डायबिटीज़ फ़्रेंडली फ़ूड और उत्पाद के लिए संपूर्ण वन-स्टॉप समाधान भी मुहैया कराता है।

Source : PR