इंदौर। प्रवासी भारतीय सम्मेलन में देश विदेश की कंपनियां अपनी बेहतर टेक्नोलॉजी को लेकर आई है, वहीं लकड़ियों से बने हिरण, बाज, मोर, चिड़िया प्रवासियों को अपनी और आकर्षित कर रहे है। इसी के साथ सुत की मदद से बने झूले, बैग्स, गलीचे भी सम्मेलन में लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए है।

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पेड़ की जड़, छाल, तने और बांस के लकड़ी से बनाए पशु पक्षी

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प्लास्टिक, लोहे और अन्य सामग्रियो से बनी वस्तुएं तो सबने देखा है। लेकिन बांस की छाल, पेड़ की जड़, तने के ऊपर बनी चीजें देखना दुर्लब है, भोपाल से सम्मेलन में आए प्रकृति प्रेमी कलाकारों ने बांस की छाल, पेड़ के तने, जड़ और कई प्रकार की लकड़ियों से आर्ट तैयार किए है। इनमे चिड़िया, मोर, खरगोश, कछुआ, शेर, कोयल और अन्य चीजों को बड़ी ही कलाकारी से बनाया है। कलाकारों ने बताया के इनको वेस्ट लकड़ी से 3 दिन में एक आर्ट को तैयार किया जाता है।

सुत और बोरियो की मदद से बना रहे उपयोगी वस्तुएं

सम्मेलन में एक स्टॉल ऐसा भी लगा है जो लोगों को अपनी और आकर्षित कर रहा है, जिसमें सुत और बोरियों की मदद से कई वस्तुएं बनाई जा रही है। जिसमें बैग्स, गलीचे, हैंगिंग झूले और अन्य उपयोगी चीजे बनाई जा रही है।