शेर से नहीं शेरा से घबराहट में है अरुण यादव | Arun Yadav is in a panic by Surendra Singh

0
100
Arun yadav

खंडवा संसदीय क्षेत्र से अरुण यादव के लिए निर्दलीय विधायक और कांग्रेस के बागी सुरेंद्र सिंह शेरा महंगे साबित हो सकते हैं। शेरा ने कह दिया है कि अरुण चुनाव लड़ते हैं तो वह निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे।

विधानसभा चुनाव के समय अरुण यादव ने सुरेंद्र सिंह को विधानसभा का टिकट नहीं मिलने दिया। इस बात से नाराज सुरेंद्र सिंह जिन्हें शेरा कहते हैं। निर्दलीय चुनाव लड़ लिया व जीत गए। ऐसे हालात बने कि कांग्रेस को प्रदेश में सरकार बनाने के लिए निर्दलीय विधायकों की जरूरत थी। शेरा के चुनाव जीतते ही तुलसीराम सिलावट को उनके पास बुरहानपुर भेजा।

सिलावट शेरा को लेकर भोपाल गए। वहां जाकर कमलनाथ से मुलाकात कराई। ज्योतिराजे सिंधिया ने इसमें अहम भूमिका निभाई और कमलनाथ से कहा था कि शेरा को मंत्री बनाना है। लेकिन कहा जा रहा है कि अरुण यादव और दिग्विजयसिंह ने शेरा को मंत्री नहीं बनने दिया।

सरकार तो बन गई शेरा ने समर्थन भी वापस नहीं लिया। लेकिन कमलनाथ सरकार से वो नाराज है। अब अरुण यादव से उनकी तनातनी हो गई है। यादव खंडवा से लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन शेरा ने भी अब कार्यकर्ताओं से कहना शुरू कर दिया है कि यदि अरुण यादव ने फॉर्म भरा तो मैं भी निर्दलीय लोकसभा का चुनाव लड़ूंगा। यही बात यादव के कानों तक पहुंची और अब वह परेशान हैं कि शेरा को आखिर कैसे समझाएं। शिवकुमार सिंह जैसे दिग्गज कांग्रेस नेता के भाई शेरा के बारे में कहा जाता है कि उनके पास निजी कार्यकर्ताओं की फौज लंबी चौड़ी है। यही कारण है कि शेरा के भाई शिवकुमार सिंह भी कांग्रेस के कई दिग्गजों को एड़ी चोटी का जोर पहले करा चुके हैं, और चुनाव भी जीत चुके हैं। शेरा इस बात को समझ चुके हैं कि लोकसभा चुनाव लड़ लिया तो वह जीते या नहीं लेकिन यादव को हराने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। हो सकता है कि शेरा अपनी पत्नी को भी मौका आने पर चुनावलड़ा सकते है।अब यादव, कमलनाथ के जरिए शेरा को समझाने की बात कर रहे हैं।

@राजेश राठौर

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here