बेलपत्र के अलावा शिवजी को प्रिय हैं ये 5 पत्ते, करेंगे अर्पित तो मिलेगा मनचाहा वरदान

भगवान भोलेनाथ का स्वभाव बेहद सरल माना जाता है, लोगों कि आस्था के अनुसार भोलेनाथ अपने नाम की तरह भोले भंड़ारी है। भोलेनाथ की कृपा जिस व्यक्ति पर भी हो उसे भला किसी भी परेशानी से डरने की जरुरत नहीं होती है। शिव जी को एक लोटा जल अर्पित करने से ही वह शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं।

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भगवान भोलेनाथ का स्वभाव बेहद सरल माना जाता है, लोगों कि आस्था के अनुसार भोलेनाथ अपने नाम की तरह भोले भंड़ारी है। भोलेनाथ की कृपा जिस व्यक्ति पर भी हो उसे भला किसी भी परेशानी से डरने की जरुरत नहीं होती है। शिव जी को एक लोटा जल अर्पित करने से ही वह शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं। भोलेनाथ की सच्चे मन से पूजा करने से ही व्यक्ति सभी तरह की परेशानियों से छुटकारा पा सकता हैं। इस माह की 21 फरवरी को शिवरात्रि का पर्व देश भर में मनाया जाने वाला है।

यह पर्व भगवान शिव के पूजन का सबसे बड़ा पर्व भी है। महाशिवरात्रि फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को मनाई जाती है। ऐसा माना जाता है कि सृष्टि के प्रारंभ में इसी दिन मध्यरात्रि को भगवान शंकर का ब्रह्मा से रुद्र के रूप में अवतरण हुआ था। साथ ही इस दिन भगवान शंकर की शादी भी हुई थी इसीलिए रात्रि में भगवान शिव की बारात भी निकाली जाती है। हिंदू पंचांग के अनुसार शिवरात्रि के दिन बेहद खास माना जाता है। इस दिन भक्त भोलेनाथ की पूजा और व्रत करते हैं।

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महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करने के कई तौर-तरीके हैं। इसके लिए कई तरह के विधि-विधान भी बनाए गए हैं। ऐसी मान्यता है कि इनके मुताबिक ही भोलेनाथ की पूजा महाशिवरात्रि में की जानी चाहिए, क्योंकि इससे न केवल भगवान शिव बहुत खुश होते हैं, बल्कि इससे भक्त की मनोकामना भी वे पूरी करते हैं।

आपको इस बात की जानकारी होनी बहुत जरूरी है कि पूजा के दौरान भगवान को कौन-कौन सी चीजें चढ़ाई जानी चाहिए। भोलेनाथ को बेलपत्र बहुत पसंद है, जिसका जिक्र शिव पुराण में भी है लेकिन इसके अलावा भी कुछ ऐसे पत्ते हैं, जो भोलेनाथ को बेहद प्रिय हैं. भगवान शिव की पूजा करते समय बेलपत्र के अलावा इन पत्तों को भी अवश्य रखना चाहिए।

भांग का पत्ता :
भगवान को बेलपत्र के अलावा भांग का पत्ता बेहद प्रिय है। भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए आप भांग का पत्ता या भांग का शरबत चढ़ाएं। भांग एक प्रकार की औषधि भी है जिसका प्रयोग शिवजी ने तब किया था जब उन्होंने हलाहल विष का सेवन कर लिया था।

धतूरा का फल और पत्ता :
धतूरे के फल और पत्ते का इस्तेमाल भी औषधि के रूप में किया जाता है। शिव पुराणों के अनुसार धतूरा शिवजी को बेहद प्रिय है। धन धान्य का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए भगवान शिव को पूजा में धतूरा अर्पित करें।

आक का फूल और पत्ता :
आक का पत्ता और फूल भोलेनाथ को बेहद प्रिय हैं। जो लोग भगवान को आक अर्पित करते हैं, भोलेनाथ उनके शारीरिक और मानसिक कष्ट हर लेते हैं। एक कहावत भी है- आक से मिले लाख यानी कि जो भी भगवान को आक अर्पित करता है, उसकी गरीबी भी दूर हो जाती है।

पीपल का पत्ता :
पुराणों की मानें तो त्रिदेवों का वास पीपल के वृक्ष में होता है। भगवान शिव भी पीपल के पत्तों पर विराजमान होते हैं। जो कोई भक्त भगवान शिव को पीपल का पत्ता चढ़ाता है, भोलेनाथ उसे शनि के प्रकोप से बचाते हैं।

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दूर्वा :
पुराणों में कहा गया है कि दूर्वा यानी घास में अमृत बसता है। दूर्वा भोलेनाथ और गणपति को बेहद प्रिय हैं। शिवजी को दूर्वा चढ़ाने से अकाल मृत्यु का भय दूर हो जाता है।