दुनिया का सबसे बड़ा सशस्त्र बल CRPF, मिले साल में 100 दिन की छुट्टी: अमित शाह

गृह मंत्री बनने के बाद मैं सीआरपीएफ को करीबी से देख रहा हूं। सीआरपीएफ दुनिया का सबसे बड़ा सशस्त्र बल तो है ही, साथ ही दुनिया का सबसे बहादुर सशस्त्र बल भी है। इसके इतिहास को खंगाले तो इसकी कई गाथाएं बताई जा सकती हैं।

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amit shah

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को सीआरपीएफ मुख्यालय के शिलान्यास किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि सभी सुविधाओं से लैस मुख्यालय जब CRPF को मिलेगा, तो मुझे पूरा यकीन है कि आपकी क्षमता, आपकी सुसज्जता और आपकी Alertness तीनों में ढेर सारी बढ़ोतरी होगी। ढेर सारे अभियानों और ढेर सारी मुहिमों में CRPF के 2,184 जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान मां भारती की सुरक्षा और सम्मान के लिए दिया है।

गृह मंत्री ने कहा कि गृह मंत्री बनने के बाद मैं सीआरपीएफ को करीबी से देख रहा हूं। सीआरपीएफ दुनिया का सबसे बड़ा सशस्त्र बल तो है ही, साथ ही दुनिया का सबसे बहादुर सशस्त्र बल भी है। इसके इतिहास को खंगाले तो इसकी कई गाथाएं बताई जा सकती हैं।

सरकार की योजना बताते हुए गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने सशस्त्र बलों के जवानों के लिए एक सूत्र अपनाया है कि आप देश की सुरक्षा कीजिए, आपके परिवार की चिंता और सुरक्षा हम करेंगे। सीआरपीएफ जवानों को ड्यूटी के दौरान हवाई यात्रा की जो अनुमति दी गई है, उससे उनका मनोबल जरूर बढ़ा है। हमने तय किया है हर सशस्त्र बल का हर जवान साल में 100 दिन अपने परिवार के साथ बिता सके, ताकि वो सामाजिक जिम्मेदारियों का भी निर्वहन कर सके। इसके लिए हम रणनीति बना रहा हैं।

CRPF के बलिदानों को याद करते हुए शाह ने कहा कि 21 अक्टूबर 1959 को सीआरपीएफ के सिर्फ 10 जांबाजों ने ऑटोमेटिक हथियारों से लैस चीन की टुकड़ी का सामना किया और अपनी आहुति दी। इसलिए 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है।

80 से 90 का दशक इस देश के अंदर अनेक प्रकार की विपदाएं लेकर आया, चाहे त्रिपुरा हो या पंजाब, हमारे देश के लोगों को ही गुमराह करके पडोसी देश ने आतंकवाद को हमारे देश में फ़ैलाने का काम किया। मुझे कहने में कोई झिझक नहीं है कि आज इन दोनों राज्यों से आतंकवाद का पूर्ण रूप से सफाया किया जा चुका है, इसमें CRPF का बहुत अहम् योगदान है।

रक्त को जमा देनी वाली ठंड में, अनिश्चितताओं के बीच जब हमारे जवान आतंकवाद का सामना कर रहे होते थे तो उन्हें कोई पदक का लालच या ड्यूटी की मजबूरी, ऐसा करने के लिए विवश नहीं करती। सिर्फ भारत माता के प्रति प्रेम और समर्पण का भाव उन्हें इसके लिए प्रेरित करता है।

देश में हर स्थिति में CRPF के योगदान पर शाह ने कहा कि देश में किसी भी प्रकार के दंगे हुए हो तो उन्हें भी CRPF नियंत्रित करती है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र हो, जहां आदिवासी तबके को विकास से महरूम रख कर, सरकार के खिलाफ उन्हें गुमराह करने का प्रयास चल रहा है तो वहां भी CRPF ही उनका सामना करती है। चाहे अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा के लिए अभेद घेरा बनाने की बात हो, संसद को सुरक्षा प्रदान करने की बात हो, दंगा फैलाकर शांति भंग करने के षड्यंत्र को नाकाम करना हो, इन सभी में सीआरपीएफ का अहम योगदान है।