संजय दुबे जी, रिटायरमेंट के बाद अच्छे नेता बन सकते है… इंदौर में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने की ACS दुबे की तारीफ, सीएम मोहन यादव ने लगाए ठहाके

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By Raj RathorePublished On: October 28, 2026

इंदौर में आयोजित अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव के दौरान कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने ही अपर मुख्य सचिव (ACS) संजय दुबे की तारीफ कर दी।

दुबे के भाषण से प्रभावित विजयवर्गीय ने कहा कि रिटायरमेंट के बाद उनके अच्छे नेता बनने की संभावना है। उनकी इस टिप्पणी पर मुख्यमंत्री सहित मंच पर मौजूद अन्य नेता हंसने लगे।

दरअसल, बुधवार को आयोजित कॉन्क्लेव में शहरी विकास, जल प्रबंधन, किफायती आवास और धार्मिक पर्यटन से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए छह समझौतों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस दौरान इंदौर की जल प्रदाय और सीवरेज परियोजना के लिए बैंक ऑफ इंडिया के साथ समझौता भी हुआ।

विजयवर्गीय बोले- भाषण ने मेरा भार हल्का कर दिया

कार्यक्रम में कैलाश विजयवर्गीय ने ACS संजय दुबे के भाषण की तारीफ करते हुए कहा, “मेरे ही ACS संजय दुबे जी ने इतना अच्छा भाषण दिया कि मेरा भार हल्का कर दिया।”

इसके बाद उन्होंने अंग्रेजी में कहा, “And you may be a very good leader after retirement, because your speech was so excellent with confidence! I appreciate your speech.”

विजयवर्गीय की इस टिप्पणी पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित मंच पर मौजूद अन्य नेता मुस्कुराने लगे। कार्यक्रम में यह पल चर्चा का विषय रहा।

अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव में छह समझौतों पर हस्ताक्षर

कॉन्क्लेव में हुए छह समझौतों का फोकस शहरी सुविधाओं के विस्तार, जल प्रबंधन, जल संरक्षण और संस्थागत सहयोग पर रहा। इनमें इंदौर की जल प्रदाय और सीवरेज परियोजना के लिए बैंक ऑफ इंडिया के साथ समझौता भी शामिल है।

इसके अलावा उज्जैन के मंदिर सर्किट को आधुनिक बनाने, रीवा की जल प्रदाय योजना और उपचारित अपशिष्ट जल के दोबारा उपयोग को बढ़ावा देने से जुड़ी पहलों पर भी सहमति बनी।

इंदौर-भोपाल के बाद जबलपुर और ग्वालियर भी बनेंगे मेट्रोपॉलिटन सिटी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में नियोजित शहरी विकास को लेकर कहा कि इंदौर और भोपाल को छह-छह जिलों को मिलाकर मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके बाद जबलपुर और ग्वालियर को भी मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की योजना है।

उन्होंने इंटीग्रेटेड पॉलिसी के तहत इकोनॉमिक कॉरिडोर विकसित करने और 100 मंजिला इमारतों के निर्माण की अनुमति देने जैसे विषयों पर भी जोर दिया।

किफायती आवास के लिए नई नीति का प्रारूप

कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश शहरी किफायती आवास नीति का प्रारूप भी प्रस्तुत किया गया। इसका उद्देश्य प्रदेश के नागरिकों को किफायती, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराने की दिशा में काम करना है।

नीति के जरिए शहरी क्षेत्रों में आवास की जरूरतों को पूरा करने पर जोर दिया गया है।

उपचारित अपशिष्ट जल के पुन: उपयोग पर भी जोर

जल संरक्षण और सतत जल प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए ‘मध्यप्रदेश उपचारित अपशिष्ट जल के पुनर्चक्रण एवं पुन: उपयोग की राज्यस्तरीय नीति, 2026’ का प्रारूप पेश किया गया। इसके तहत उपचारित अपशिष्ट जल को दोबारा उपयोग में लाने और औद्योगिक जरूरतों के लिए इसकी आपूर्ति को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया है।

कॉन्क्लेव में हुई चर्चाओं और समझौतों का उद्देश्य शहरी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना, जल संसाधनों का बेहतर उपयोग करना, किफायती आवास उपलब्ध कराना और शहरों का नियोजित विकास करना है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति परियोजनाओं की लागत, वित्तीय सहयोग और समयसीमा से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद स्पष्ट होगी।