हरियाणा में अमित शाह की पदयात्रा और रैली की तैयारी, 5 नवंबर को अंबाला-करनाल पहुंचेंगे गृह मंत्री

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By EditorPublished On: October 27, 2026

अंबाला/करनाल
 केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पांच नवंबर को अंबाला और करनाल आएंगे। अंबाला कैंट में नेशनल हाईवे-44 के साथ बन रहे शहीद स्मारक का उद्घाटन भी कर सकते हैं। करनाल में उनकी पदयात्रा प्रस्तावित है। दोनों जिलों के अधिकारी इन कार्यक्रमों की तैयारियों में जुट गए हैं।

अंबाला में वे एक रैली को भी संबोधित कर सकते हैं। शहीद स्मारक 22 एकड़ में फैला है, जबकि इस पर करीब सात सौ करोड़ रुपये की लागत आई है। इस में 1857 के स्वाधीनता संग्राम के बलिदानियों सहित देश की आजादी में सर्वोच्च बलिदान देने वालों की जानकारी लोगों को दी जाएगी।

इसमें कुल 23 गैलरी हैं। इनमें अंबाला, मेरठ, दिल्ली, पंजाब, गुजरात, झांसी और देश के अन्य क्षेत्रों में 1857 के संघर्ष से जुड़ी घटनाओं को प्रदर्शित किया गया है। शहीद स्मारक में 360 डिग्री प्रोजेक्शन के साथ ध्वनि और लेजर शो की व्यवस्था की गई है।

स्मारक में 63 मीटर ऊंचा मेमोरियल टावर है, जो कमल के फूल की आकृति का है। पांच नवंबर को करनाल में पदयात्रा को केवल एक संगठनात्मक कार्यक्रम के रूप में देखना पर्याप्त नहीं होगा। इसके पीछे करनाल का राजनीतिक महत्व, भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से इसका जुड़ाव और मतदाता सूची को लेकर चल रही राष्ट्रीय बहस जैसे पहलू भी अहम हैं।

हालांकि, पार्टी ने सार्वजनिक रूप से यह नहीं बताया है कि पदयात्रा के लिए करनाल को ही चुनने का निर्णायक आधार क्या है। पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल से जुड़ाव के कारण भी करनाल का महत्व है। अमित शाह का करनाल से राजनीतिक जुड़ाव नया नहीं है।

दो नवंबर 2023 को उन्होंने सरकार के नौ वर्ष पूरे होने के अवसर पर अंत्योदय महासम्मेलन में हिस्सा लिया था। कार्यक्रम में पांच योजनाओं की शुरुआत की गई थी

मतदाता सूची पर बहस के बीच बड़ा संदेश
भाजपा का 22 अक्टूबर से पांच नवंबर तक चल रहा अभियान विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। पार्टी पदयात्राओं, जनसभाओं और संवाद कार्यक्रमों से अपना पक्ष रख रही है।

अंतिम दिन अमित शाह की मौजूदगी इस मुद्दे को राज्यस्तर पर अधिक राजनीतिक महत्व दे सकती है। भाजपा विपक्ष के आरोपों को खारिज करती है, जबकि विपक्ष चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहा है।