एमपी टूरिज्म को ‘आउटस्टैंडिंग टूरिज्म स्टेट ऑफ इंडिया’ अवॉर्ड

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By EditorPublished On: October 26, 2026

TAAI के 69वें राष्ट्रीय कन्वेंशन एवं एग्जिबिशन में किया गया सम्मानित
अपर प्रबंध संचालक बेडेकर ने ग्रहण किया सम्मान

भोपाल
एमपी टूरिज्म बोर्ड को ट्रेवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के 69वें राष्ट्रीय कन्वेंशन एवं एग्जिबिशन में ‘अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस – आउटस्टैंडिंग टूरिज्म स्टेट ऑफ इंडिया’ से सम्मानित किया गया है। कोलकाता में 25 से 27 अक्टूबर तक आयोजित सम्मेलन में अपर प्रबंध संचालक एमपी टूरिज्म बोर्ड डॉ. अभय बेड़ेकर ने यह सम्मान ग्रहण किया। यह सम्मान प्रदेश के पर्यटन विकास, गंतव्य प्रचार और समृद्ध सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक धरोहर को बढ़ावा देने के प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान दिलाता है। उल्लेखनीय है कि यह उपलब्धि TAAI के 75वें स्थापना वर्ष समारोह के ऐतिहासिक अवसर पर हासिल हुई है।

सचिव पर्यटन और प्रबंध संचालक एमपी टूरिज्म बोर्ड डॉ. इलैयाराजा टी ने कहा कि प्रदेश की समृद्ध विरासत और प्राकृतिक विविधता इसे देश के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों में अग्रणी बनाती है। राष्ट्रीय स्तर पर मिला यह सम्मान पर्यटन क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों और उद्योग जगत के सहयोगियों के साथ समन्वय को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। एमपी टूरिज्म, पर्यटकों को उत्कृष्ट अनुभव उपलब्ध कराने तथा पर्यटन की नई संभावनाओं को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

सम्मेलन के दौरान मध्यप्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य की विविध पर्यटन संपदा का प्रभावी प्रदर्शन किया। इसमें प्रदेश के ऐतिहासिक स्मारकों, समृद्ध वन्यजीव अभयारण्यों, प्रमुख आध्यात्मिक केंद्रों और फिल्म पर्यटन की अपार संभावनाओं को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही प्रदेश के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों तक पहुंच को सुगम बनाने के लिए हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार और ट्रेवल ट्रेड के साथ दीर्घकालिक साझेदारी पर विशेष बल दिया गया।

कन्वेंशन में ‘मध्यप्रदेश फिल्म पर्यटन नीति-2025’ के तहत प्रदेश के सुरम्य स्थलों और फिल्म निर्माण के अनुकूल परिवेश को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। वहीं, उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ-2028 के दृष्टिगत श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए उच्चस्तरीय आतिथ्य सेवाओं और बुनियादी ढांचे के विकास की योजनाओं को साझा किया गया। विमानन क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर पर्यटन स्थलों तक आवागमन को और अधिक सुदृढ़ बनाने की संभावनाओं पर भी विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।