झज्जर
क्षेत्र के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। इंडियन पोटाश लिमिटेड (आईपीएल) की ओर से डीएपी और अमोनियम सल्फेट खाद का रैक झज्जर पहुंच गया है।
रात के समय मालगाड़ी के माध्यम से 2100 मीट्रिक टन डीएपी और 450 मीट्रिक टन अमोनियम सल्फेट खाद की खेप पहुंची। इस खाद का वितरण झज्जर, रोहतक और सोनीपत जिलों में किया जाएगा। रैक पहुंचने से तीनों जिलों के किसानों को खाद उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। हालांकि अमोनियम सल्फेट खाद यूरिया के स्थान पर प्रयोग होता है।
तीन जिलों में तय की गई खाद की मात्रा
आईपीएल की ओर से पहुंचे खाद के रैक से तीनों जिलों के लिए अलग-अलग मात्रा निर्धारित की गई है। इसके तहत झज्जर जिले को 900 मीट्रिक टन डीएपी और 200 मीट्रिक टन अमोनियम सल्फेट मिलेगा।
वहीं, रोहतक जिले के किसानों के लिए 600 मीट्रिक टन डीएपी और 100 मीट्रिक टन अमोनियम सल्फेट निर्धारित किया गया है।
इसी प्रकार सोनीपत जिले को 600 मीट्रिक टन डीएपी और 150 मीट्रिक टन अमोनियम सल्फेट उपलब्ध कराया जाएगा। इस तरह तीनों जिलों में खाद की आपूर्ति जरूरत के अनुसार की जाएगी, जिससे किसानों को खेती के लिए आवश्यक उर्वरक उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
किसानों को खाद की आपूर्ति पर रहेगी नजर
खेती के सीजन में खाद की उपलब्धता किसानों के लिए महत्वपूर्ण रहती है। ऐसे में डीएपी और अमोनियम सल्फेट की खेप पहुंचने से तीनों जिलों में उर्वरकों की आपूर्ति को मजबूती मिलेगी। अब निर्धारित मात्रा के अनुसार खाद संबंधित जिलों तक पहुंचाई जाएगी। वहीं, अगले सप्ताह प्रस्तावित यूरिया रैक से किसानों को एक और राहत मिलने की उम्मीद है।
क्या है अमोनियम सल्फेट?
अमोनियम सल्फेट एक नाइट्रोजन और सल्फर युक्त रासायनिक खाद है, जिसका इस्तेमाल फसलों की बढ़वार और पोषक तत्वों की कमी दूर करने के लिए किया जाता है।
किसानों के लिए यह खास तौर पर उपयोगी है, क्योंकि इससे फसल को दो जरूरी पोषक तत्व एक साथ मिलते हैं। अमोनियम सल्फेट खाद में नाइट्रोजन 21 प्रतिशत होता है जो पौधों की पत्तियों और तनों की बढ़वार में मदद करती है। सल्फर लगभग 24 प्रतिशत होती है जो प्रोटीन निर्माण और पौधों की सामान्य वृद्धि में सहायक होता है।
अगले सप्ताह पहुंच सकता है यूरिया का रैक
आईपीएल के सहायक प्रबंधक दीपक शर्मा ने बताया कि डीएपी और अमोनियम सल्फेट का रैक झज्जर पहुंच चुका है। इससे झज्जर के साथ रोहतक और सोनीपत जिलों के किसानों को भी खाद उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने बताया कि अगले सप्ताह यूरिया का रैक आने की संभावना है। इससे किसानों को आगामी जरूरतों के अनुसार खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।








