251.71 करोड़ रुपये मूल्य की 1,659 संपत्तियां बिकीं, पूर्ववर्ती OTS योजना की तुलना में विक्रय प्रतिशत में उल्लेखनीय वृद्धि

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By EditorPublished On: October 24, 2026

रायपुर

 छत्तीसगढ़ में आम नागरिकों को किफायती दरों पर आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियां उपलब्ध कराने तथा वर्षों से रिक्त पड़ी संपत्तियों के बेहतर उपयोग की दिशा में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की वन टाइम सेटलमेंट योजना-2 (OTS-2) महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर रही है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं आवास एवं पर्यावरण मंत्री  ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में संचालित इस योजना के अंतर्गत अब तक 62.5 प्रतिशत संपत्तियों का विक्रय किया जा चुका है। योजना के माध्यम से कुल 251.71 करोड़ रुपये मूल्य की 1,659 आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों का विक्रय हुआ है।

OTS-2 योजना के अंतर्गत कुल 2,656 संपत्तियों को विक्रय के लिए शामिल किया गया था। इनमें से अब केवल 997 संपत्तियां विक्रय के लिए शेष हैं, जिनका कुल मूल्य 134.40 करोड़ रुपये है। योजना की सफलता से जहां वर्षों से रिक्त पड़ी संपत्तियों का उपयोग सुनिश्चित हो रहा है, वहीं आम नागरिकों को रियायती दरों पर अपना घर एवं व्यावसायिक परिसर प्राप्त करने का अवसर भी मिल रहा है।

पूर्ववर्ती योजना की तुलना में OTS-2 का प्रदर्शन बेहतर

वन टाइम सेटलमेंट योजना-2 की उपलब्धि पूर्व में संचालित OTS योजना की तुलना में उल्लेखनीय रही है। सितंबर 2021 से मार्च 2024 तक संचालित पूर्ववर्ती वन टाइम सेटलमेंट योजना के अंतर्गत लगभग 511 करोड़ रुपये मूल्य की 2,591 आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों को शामिल किया गया था। इस अवधि में कुल 88.28 करोड़ रुपये मूल्य की 506 संपत्तियों का विक्रय हुआ था, जिसमें विक्रय का प्रतिशत 17.27 रहा था। वहीं वर्तमान OTS-2 योजना में अब तक 62.5 प्रतिशत संपत्तियों का विक्रय हो चुका है।

इस प्रकार पूर्ववर्ती योजना की तुलना में वर्तमान योजना के विक्रय प्रतिशत में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की संपत्ति विक्रय व्यवस्था में आए सकारात्मक बदलाव तथा रियायती दरों पर संपत्तियां उपलब्ध कराने की नीति के प्रभावी परिणामों को दर्शाती है।

मंत्रिपरिषद के निर्णय से मिली योजना को गति

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 19 जनवरी 2025 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की पांच वर्ष से अधिक समय से अविक्रित आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों के एकमुश्त निपटान के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया था। इसके अंतर्गत ऐसी संपत्तियों को लागत मूल्य (बेस रेट) पर निर्धारित छूट प्रदान कर विक्रय करने की स्वीकृति दी गई थी।

मंत्रिपरिषद के निर्णय के अनुरूप 1 मार्च 2025 से वन टाइम सेटलमेंट योजना-2 प्रारंभ की गई। योजना में संपत्तियों के रिक्त रहने की अवधि तथा संबंधित परियोजना में रिक्त संपत्तियों के अनुपात के आधार पर 10, 20 एवं 30 प्रतिशत तक छूट का प्रावधान किया गया है। इस पहल से लंबे समय से अविक्रित संपत्तियों के विक्रय को गति मिली है तथा नागरिकों के लिए आवास एवं व्यावसायिक संपत्ति खरीदने के नए अवसर उपलब्ध हुए हैं।

मंडल आयुक्त ने की समीक्षा, शेष संपत्तियों के विक्रय में तेजी लाने के निर्देश

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के मुख्यालय में 23 अक्टूबर को मंडल आयुक्त  अवनीश कुमार शरण ने OTS-2 योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने योजना के अंतर्गत अब तक विक्रय की गई संपत्तियों, शेष उपलब्ध आवासीय एवं व्यावसायिक इकाइयों तथा उनके विक्रय की संभावनाओं की जानकारी ली।

मंडल आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शेष संपत्तियों के विक्रय में तेजी लाने के साथ-साथ वहां उपलब्ध सुविधाओं को भी बेहतर बनाया जाए। विशेष रूप से आवासीय परिसरों में लिफ्ट की व्यवस्था, भवनों की आवश्यक मरम्मत, नियमित रखरखाव तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए।

उन्होंने कहा कि आवासीय परियोजनाओं में आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता और बेहतर रखरखाव सुनिश्चित करने से संभावित खरीदारों का विश्वास बढ़ेगा तथा संपत्तियों के विक्रय में भी तेजी आएगी।

रायपुर, नवा रायपुर और दुर्ग में चलेंगे आवास रथ

मंडल आयुक्त  शरण ने OTS-2 योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार और नागरिकों को उपलब्ध संपत्तियों की जानकारी देने के लिए रायपुर, नवा रायपुर एवं दुर्ग में आवास रथ प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं।

आवास रथ के माध्यम से इच्छुक नागरिकों को छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की विभिन्न परियोजनाओं में उपलब्ध आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों की जानकारी देने के साथ-साथ उनका प्रत्यक्ष अवलोकन कराने की व्यवस्था की जाएगी। इससे संभावित खरीदार संपत्तियों की स्थिति, लोकेशन, उपलब्ध सुविधाओं एवं अन्य आवश्यक जानकारियों के आधार पर खरीद का निर्णय ले सकेंगे।

आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना की जानकारी अधिक से अधिक नागरिकों तक पहुंचाई जाए। इसके लिए प्रभावी प्रचार-प्रसार के साथ इच्छुक खरीदारों को आवश्यक मार्गदर्शन और जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि निर्धारित अवधि में अधिकतम संपत्तियों का विक्रय सुनिश्चित किया जा सके।

प्रदेश के विभिन्न जिलों में उपलब्ध हैं आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियां

OTS-2 योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की विभिन्न परियोजनाओं और क्षेत्रीय कार्यालयों में आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियां उपलब्ध हैं। इनमें नवा रायपुर के कैपिटल प्रोजेक्ट, रायपुर जोन-02 एवं जोन-03 के साथ दुर्ग, बिलासपुर, जगदलपुर, धमतरी, राजनांदगांव, रायगढ़, जशपुर, कोंडागांव, कोरिया, कोरबा एवं दंतेवाड़ा सहित विभिन्न क्षेत्रों की संपत्तियां शामिल हैं।

इच्छुक नागरिक संबंधित कार्यालयों से संपर्क कर उपलब्ध संपत्तियों की लोकेशन, कीमत, सुविधाओं तथा योजना के अंतर्गत लागू छूट की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

मार्च 2027 तक ही मिलेगा विशेष छूट का लाभ

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की वन टाइम सेटलमेंट योजना-2 की अवधि मार्च 2027 तक निर्धारित की गई है। इस अवधि के दौरान पात्र संपत्तियों के क्रय पर निर्धारित शर्तों के अनुसार 10 से 30 प्रतिशत तक छूट का लाभ प्राप्त किया जा सकता है।

निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद संपत्तियों पर OTS-2 योजना के अंतर्गत विशेष छूट का लाभ उपलब्ध नहीं होगा। ऐसे में रियायती दरों पर आवासीय अथवा व्यावसायिक संपत्ति खरीदने के इच्छुक नागरिकों के लिए यह महत्वपूर्ण अवसर है।

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की इस पहल से एक ओर वर्षों से रिक्त पड़ी संपत्तियों का बेहतर उपयोग और आवासीय परिसरों में बसाहट को बढ़ावा मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर संपत्तियों के विक्रय से प्राप्त राजस्व का उपयोग भविष्य की आवासीय एवं अधोसंरचना विकास गतिविधियों को गति देने में किया जा सकेगा।