महाकाल मंदिर के बाहर धक्के खाते रहे लाखों श्रद्धालु, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय आराम से करते रहे वीआईपी दर्शन, देखें फोटो

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By Raj RathorePublished On: August 19, 2026

नागपंचमी और सावन के तीसरे सोमवार के संयोग पर 17 अगस्त को उज्जैन में श्रद्धालुओं का ऐसा सैलाब उमड़ा कि शहर के कई हिस्सों में पैर रखने तक की जगह नहीं बची। भगवान महाकाल और साल में एक बार खुलने वाले नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए देशभर से लाखों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचे। प्रशासन के लिए इतनी बड़ी भीड़ को संभालना बड़ी चुनौती बन गया।

इस बीच मंदिर में VIP दर्शन व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के नागचंद्रेश्वर मंदिर के गर्भगृह में पहुंचकर पूजा-अर्चना करने की तस्वीरें सामने आने के बाद श्रद्धालुओं में नाराजगी देखने को मिली। वहीं, बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी मंदिरों में VIP दर्शन की व्यवस्था खत्म करने की बात कही है।

12 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए नागचंद्रेश्वर के दर्शन

नागपंचमी के अवसर पर नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट साल में सिर्फ एक बार खोले जाते हैं। इस बार मंदिर में 12 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। पिछले वर्ष यह संख्या करीब 8.66 लाख थी।

वहीं, श्री महाकालेश्वर मंदिर में भी 4.80 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। बाबा महाकाल की सवारी में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते मंदिर क्षेत्र से लेकर शहर के प्रमुख मार्गों तक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर दबाव बना रहा।

करीब 5 किलोमीटर लंबी लगी दर्शन की कतार

महाकाल और नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतार करीब 5 किलोमीटर तक पहुंच गई। हरसिद्धि मंदिर के आसपास बैरिकेडिंग वाले क्षेत्र में अचानक भीड़ का दबाव बढ़ने से स्थिति बिगड़ गई।

महाकाल मंदिर के बाहर धक्के खाते रहे लाखों श्रद्धालु, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय आराम से करते रहे वीआईपी दर्शन, देखें फोटो

गर्मी, उमस और लगातार कई घंटे तक भीड़ में खड़े रहने के कारण कई श्रद्धालुओं की तबीयत खराब हो गई। धक्का-मुक्की की स्थिति में एक दर्जन से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई। प्रभावित श्रद्धालुओं को उज्जैन जिला अस्पताल ले जाकर उपचार कराया गया।

आम भक्त घंटों लाइन में, VIP को गर्भगृह में प्रवेश

इतनी भारी भीड़ के बीच VIP दर्शन को लेकर सबसे ज्यादा सवाल उठे। जहां आम श्रद्धालु कई घंटों तक लंबी कतार में अपनी बारी का इंतजार करते रहे, वहीं कुछ VIP लोगों को गर्भगृह तक पहुंचकर पूजा-अर्चना करने का अवसर मिला।

महाकाल मंदिर के बाहर धक्के खाते रहे लाखों श्रद्धालु, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय आराम से करते रहे वीआईपी दर्शन, देखें फोटो

प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी नागचंद्रेश्वर मंदिर के गर्भगृह में पहुंचे और पूजा-अर्चना के साथ जलाभिषेक किया। भाजपा के कुछ अन्य नेताओं, विधायकों और सांसदों के परिजनों के VIP दर्शन की भी चर्चा रही। इसके बाद आम श्रद्धालुओं के बीच इस व्यवस्था को लेकर नाराजगी सामने आई।

धीरेंद्र शास्त्री बोले- मंदिरों में VIP दर्शन बंद होने चाहिए

VIP दर्शन की व्यवस्था को लेकर बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मंदिरों में VIP दर्शन की व्यवस्था समाप्त किए जाने की बात कही है। उनके बयान के बाद उज्जैन में हुई VIP दर्शन व्यवस्था को लेकर बहस और तेज हो गई है।

भीड़ के आगे व्यवस्थाएं पड़ीं कम

एक ही दिन में 12 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने से प्रशासन की तैयारियां भी कई जगह कम पड़ती नजर आईं। भारी भीड़ के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को दर्शन किए बिना वापस लौटना पड़ा।

कई भक्त भीड़ के दबाव के चलते अपने जूते-चप्पल निर्धारित स्टैंड तक पहुंचने के बजाय रास्ते में ही छोड़कर आगे बढ़ गए। बाद में जूता स्टैंड पर हालात ऐसे बने कि बड़ी संख्या में जूते-चप्पल जमा हो गए।

कर्कराज मंदिर की पार्किंग में जूते-चप्पलों का पहाड़

कर्कराज मंदिर की पार्किंग स्थित जूता स्टैंड पर जूते-चप्पलों का ढेर इतना बढ़ गया कि वह दूर से किसी पहाड़ जैसा नजर आने लगा। हालात को संभालने के लिए नगर निगम को JCB की मदद से जूते-चप्पलों का ढेर हटाना पड़ा।

भीड़ के कारण कई श्रद्धालु अपने जूते-चप्पल वापस लेने के लिए स्टैंड तक पहुंच ही नहीं सके। ऐसे में उन्हें रास्ते में ही सामान छोड़कर आगे बढ़ना पड़ा।

नागपंचमी पर उमड़े इस अभूतपूर्व जनसैलाब ने जहां उज्जैन की धार्मिक आस्था और महाकाल के प्रति श्रद्धा की तस्वीर दिखाई, वहीं इतनी बड़ी भीड़ के बीच VIP दर्शन, भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं।