इंदौर पुलिस ने करीब 11 साल पुराने ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वर्ष 2015 में खजराना थाना क्षेत्र में 17 वर्षीय कृष्णा की हत्या हुई थी, लेकिन आरोपी अज्ञात होने के कारण मामला वर्षों तक अनसुलझा रहा।
अब पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी अकील उर्फ नाइटा वही व्यक्ति है, जिसे पिछले साल ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेटर से छेड़छाड़ के मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने इस मामले में अकील के साथ उसके साथी आरिफ को भी गिरफ्तार किया है। वहीं तीसरे आरोपी परवेज की पहले ही मौत हो चुकी है।
2015 में मिला था शव
पुलिस के अनुसार, 17 अप्रैल 2015 को खजराना बायपास के पास 17 वर्षीय कृष्णा का शव बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम और शुरुआती जांच में हत्या की पुष्टि हुई, जिसके बाद खजराना थाने में मामला दर्ज किया गया। हालांकि उस समय आरोपियों की पहचान नहीं हो सकी और यह मामला पुलिस रिकॉर्ड में ब्लाइंड मर्डर के रूप में दर्ज रहा।
समय के साथ मामला ठंडे बस्ते में चला गया, लेकिन पुलिस ने केस को बंद नहीं किया और समय-समय पर जांच जारी रखी।
पुराने साथी से विवाद में खुला 11 साल पुराना राज
पुलिस के मुताबिक, महिला क्रिकेटर से जुड़े मामले में जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद अकील का अपने पुराने साथी से विवाद हुआ। इसी दौरान उसने 11 साल पहले हुई हत्या का जिक्र कर दिया। यह जानकारी पुलिस के मुखबिर तंत्र तक पहुंची, जिसके बाद जांच को नई दिशा मिली।
पुलिस ने अकील और उसके साथी आरिफ को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में दोनों ने कथित तौर पर कृष्णा की हत्या में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली।
लिफ्ट लेने के बाद सुनसान जगह ले जाकर की हत्या
पुलिस जांच के अनुसार, वारदात वाले दिन अकील, आरिफ और परवेज ने कृष्णा से मोटरसाइकिल पर लिफ्ट मांगी थी। इसके बाद तीनों उसे खजराना बायपास के पास एक सुनसान इलाके में ले गए।
वहां आरोपियों ने पहले नशा किया और फिर कृष्णा से सोने का लॉकेट, चांदी की चेन-पेंडल और नगदी लूटने का प्रयास किया। जब कृष्णा ने विरोध किया तो अकील ने कथित तौर पर उसके गले पर चाकू से चार वार कर दिए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
सबूत मिटाने के लिए जलाने की कोशिश
हत्या के बाद आरोपियों ने वारदात से जुड़े साक्ष्य मिटाने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक उन्होंने मोटरसाइकिल समेत अन्य सबूतों को जलाने का प्रयास किया और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस को शव मिला, लेकिन आरोपी वर्षों तक गिरफ्त से बाहर रहे।
अकील पर पहले से 14 आपराधिक मामले दर्ज
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी अकील उर्फ नाइटा के खिलाफ हत्या, लूट और अन्य गंभीर धाराओं में 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं सह-आरोपी आरिफ के खिलाफ भी तीन गंभीर अपराध दर्ज हैं।
अकील का नाम पिछले साल ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेटर से छेड़छाड़ के मामले में भी सामने आया था, जिसमें उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। पुलिस का कहना है कि उसी मामले के बाद हुए घटनाक्रम ने 11 साल पुराने हत्याकांड का राज खोलने में अहम भूमिका निभाई।
लूटे गए सामान की तलाश जारी
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ के आधार पर वारदात में लूटे गए सोने के लॉकेट, चांदी की चेन-पेंडल और नकदी की बरामदगी का प्रयास कर रही है। साथ ही मामले से जुड़े अन्य साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि मुखबिर की सूचना और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से 11 साल पुराने इस ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी सुलझाई गई है। लंबे समय तक अनसुलझे रहे इस मामले में अब दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूरी घटना की तस्वीर स्पष्ट हो गई है।










