इंदौर का टंट्याभील चौराहा बना जंतर मंतर, धरने पर बैठे सैकड़ों छात्र, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की कर रहे मांग

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By Raj RathorePublished On: July 21, 2026
Indore NEET Protest

इंदौर के टंट्याभील चौराहे पर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। NEET पेपर लीक मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और अन्य मांगों को लेकर छात्र पिछले 30 जून से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं।

मंगलवार को आंदोलन का 22वां दिन रहा, जहां बड़ी संख्या में छात्र जुटे और जोरदार नारेबाजी की। धरना स्थल पर दिनभर छात्रों की आवाजाही बनी रही। शाम होते-होते टंट्याभील चौराहे पर भीड़ बढ़ गई और पूरे इलाके में छात्रों के नारों की गूंज सुनाई देने लगी। प्रदर्शन के चलते राहगीर भी रुककर आंदोलन को देखते नजर आए।

हाथों में तख्तियां, नारों से गूंजा चौराहा

धरने में शामिल छात्र हाथों में तख्तियां लेकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करते रहे। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर लगातार नारे लगाए गए।

बारिश के बावजूद छात्रों का उत्साह कम नहीं हुआ। देर रात तक छात्र धरना स्थल पर डटे रहे। इस दौरान अखिलेश राणा, रोहित वास्कले, दुर्गा माणसाने, भारत चौहान, राधिका समेत अन्य लोगों ने राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत गीत प्रस्तुत कर आंदोलनकारियों का उत्साह बढ़ाया।

‘लोकतंत्र की रक्षा’ के उद्देश्य से आंदोलन जारी

दिनभर अनशन पर बैठे प्रहलाद पाण्डेय ने कहा कि यह आंदोलन केवल छात्रों की मांगों तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा और उसे पुनर्स्थापित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आंदोलन को लगातार जनसमर्थन मिल रहा है और हर दिन प्रदर्शन में शामिल होने वाले छात्रों की संख्या बढ़ रही है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

पहले भी निकाला था कलेक्टर कार्यालय तक मार्च

इससे पहले आंदोलनकारी छात्रों ने टंट्याभील चौराहे से कलेक्टर कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला था और वहां करीब चार घंटे तक प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने उनकी कुछ मांगों पर सहमति जताई थी।

हालांकि, छात्रों का कहना है कि अभी भी उनकी कई प्रमुख मांगें लंबित हैं। इसी वजह से वे टंट्याभील चौराहे पर लगातार धरना देकर सरकार और प्रशासन का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं।