देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने गलती से करीब 2 किलो वजनी चांदी का पुश्तैनी लोटा कचरे की गाड़ी में फेंक दिया। जब परिवार को इस गलती का एहसास हुआ तो तुरंत नगर निगम और स्थानीय पार्षद को सूचना दी गई।
इसके बाद निगम कर्मचारियों ने करीब 24 घंटे तक कचरे के ढेर में तलाश कर आखिरकार चांदी का लोटा बरामद कर परिवार को सौंप दिया। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, यह मामला वार्ड क्रमांक-80 का है। महिला ने एक जैसी दिखने वाली थैलियों के कारण चांदी का लोटा कचरे की थैली समझकर कचरा वाहन में डाल दिया था।
घर में तलाश के बाद गलती का पता चला
परिजनों के मुताबिक, जब घर में चांदी का लोटा नहीं मिला तो सभी ने उसकी तलाश शुरू की। काफी देर खोजबीन के बाद परिवार को याद आया कि जिस स्थान से कचरे की थैली उठाकर गाड़ी में डाली गई थी, वहीं चांदी का लोटा भी रखा हुआ था। इसी दौरान गलती से वह भी कचरे के साथ चला गया।
इसके बाद परिवार ने वार्ड क्रमांक-80 के पार्षद प्रशांत बड़वे से संपर्क किया। पार्षद ने तत्काल नगर निगम के अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों को मामले की जानकारी देकर लोटे की तलाश शुरू करवाई।
ट्रेंचिंग ग्राउंड तक चला सर्च ऑपरेशन
नगर निगम के कचरा संग्रहण दल और दरोगा भरत वेध की मदद से सबसे पहले उस कचरा वाहन की पहचान की गई, जिसने संबंधित क्षेत्र से कचरा एकत्र किया था। इसके बाद वाहन के रूट और कचरा डंपिंग की पूरी प्रक्रिया को ट्रैक किया गया।
कचरा वाहन राजेंद्र नगर क्षेत्र की विभिन्न कॉलोनियों से कचरा एकत्र करने के बाद लालबाग स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड पहुंचा था। कर्मचारियों ने वहां घंटों तक कचरे के बीच उस थैली की तलाश की। जब वहां सफलता नहीं मिली तो दूसरे ट्रेंचिंग ग्राउंड में भी खोजबीन शुरू की गई।
24 घंटे बाद मिला पुश्तैनी चांदी का लोटा
करीब 24 घंटे की लगातार मशक्कत के बाद नगर निगम कर्मचारियों ने कचरे के बीच से चांदी का पुश्तैनी लोटा बरामद कर लिया। इसके बाद उसे सुरक्षित रूप से परिवार को सौंप दिया गया।
पार्षद प्रशांत बड़वे ने बताया कि यदि सूचना देने में थोड़ी और देरी हो जाती, तो कचरा बड़े ट्रेंचिंग ग्राउंड में प्रोसेसिंग के लिए पहुंच जाता और लोटा मिलना लगभग असंभव हो जाता। उन्होंने निगम कर्मचारियों की तत्परता और ईमानदारी की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत की बदौलत परिवार की वर्षों पुरानी धरोहर वापस मिल सकी।
चांदी का पुश्तैनी लोटा वापस मिलने के बाद परिवार ने नगर निगम की टीम और कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। वहीं, इस अनोखी घटना की शहरभर में चर्चा हो रही है।










