इंदौर में भ्रष्ट इंजीनियर-बिल्डर ने मिलकर किया 70 करोड़ का खेल, 6447 स्के. फीट की बजाय 22000 स्के. फीट का किया निर्माण

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By Raj RathorePublished On: July 18, 2026
Indore Nagar Nigam Illegal Construction

इंदौर में सराफा थाने के पास सीतलामाता बाजार को जोड़ने वाली सकरी सड़क पर निगम के भ्रष्ट अफसरों की मिलीभगत से भूमाफिया द्वारा अवैध इमारत का निर्माण किया जा रहा है। जिसकी शिकायत भी निगम के कार्यालयों तक पहुंच चुकी है। लेकिन काली कमाई से दबे अफसरों की आंखों के सामने मानो पर्दा ही पड़ा है। बेसहारा गरीबों का एक ठेला भी इनकी आंखों में खटकता है लेकिन निगम के इन अफसरों को काली कमाई से बनी ये अवैध इमारतें दिखाई नहीं देती है।

इस अवैध इमारत की शिकायत भी नगर निगम तक पहुंच चुंकी है लेकिन अब तक निगम ने सिर्फ कारण बताओँ नोटिस भेजने के अलावा कोई एक्शन नहीं लिया है जबकि नगर निगम को तुरंत इस अवैध इमारत पर बुलडोजर चला कर इसे जमीदोंज कर देना चाहिए था।

क्या है मामला?

सराफा थाने के पास मकान नंबर न्यू 18 शक्कर बाजार मेसर्स अंलकार पाटर्नशीप अजय नीमा एंव 31 एंव 31\ 1 शक्कर बाजार दउलाल जोहरी ने शहर के सबसे व्यस्त व्यवसायिक मार्ग सराफा से सीतलामाता बाजार की ओर जाने वाली सड़क पर तेजी से अवैध निर्माण कर लिया। जमीन का कार्नर होने के कारण लेफ्ट टर्न पर सेटबैक एमओएस बिना छोड़े पुरा अवैध निर्माण तेज गति से किया जा रहा है।

जिसके संबंध 3+2 कुल 5 नोटिस नगर निगम द्वारा उपरोक्त दोनों भवन स्वामियों को दे चुकी है, किन्तु नोटिस के बावजुद अवैध निर्माण लगातार जारी है। निगम द्वारा नोटिस देने के उपरांत भी उक्त अवैध निर्माण को नहीं तोड़ा जा रहा है। इस व्यवसायिक मार्ग पर शहर के सभी धार्मिक व पारंपरिक जुलूस, झांकिया, प्रभात फेरी उत्सव आदि निरंतर निकलते है।

जिसमें लाखों की तादाद में लोगों की सहभागिता होती है, उक्त व्यवसायिक एवं जुलूस मार्ग पर बिना एमओएस बिना सेटबेक छोड़े अवैध निर्माण किया जा रहा है, जो निगम प्रशासन की मिली भगत से खुलेआम बनाया जा रहा है।

गलत नक्शे किए पास

नगर निगम अधिकारियों ने एक ही बिल्डिंग को मेसर्स एम.एच. अंलकार दिनांक 12. 06.2026, 06.07.2026 एवं 08.07.2026 को नोटिस दिया एवं दउलाल पिता बिहारीलाल जौहरी को दिनांक 06.07.2026 एवं 08.07.2026 को नोटिस दिया, नोटिस देने के बाद अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है। याने दो प्लॉट को मिला कर नक्शा बनाया गया जबकि इसकी जानकारी निगम को नहीं दी गई।

एमओएस के स्थान पर बनाई छोटी-छोटी दुकानें

बिहारीलाल जोहरी द्वारा सेटबेक व एमओएस के स्थान पर छोटी-छोटी दुकानों का निर्माण किया जा चुका है। जबकि नियमानुसार 15,1/2 फीट अंदर 31/1, शक्कर बाज़ार की तरफ तोड़ना चाहिये और 18, शक्कर बाज़ार की तरफ 25 फीट तोड़ा जाना चाहिये। यदि यह अवैध निर्माण नहीं तोड़ा गया तो यहां से आम रास्ता बंद हो जाएगा।

भवन अनुज्ञा दस्तावेजों में हेराफेरी

यहां दोनों ही भवन अनुज्ञा के अंतर्गत दस्तावेज़ों की हेराफेरी करके जगह को कम ज्यादा बताकर दाउलाल जोहरी द्वारा नक्शा पास कराया गया है एवं अजय नीमा अंलकार द्वारा सरकारी गली पर हँगीग करके कब्जा किया गया है, दाउलाल जोहरी द्वारा बिना अनुमति के बेसमेंट खोदा जा चुका है, ग्राउण्ड फलोर पर एमओएस सेटबेक छोटे बिना बिम कॉलम डालकर अवैध निर्माण किया गया है, शक्कर बाज़ार से सितलमाता बाजार जाने वाली सड़क पर उपर की छत पर 5 की हैगींग किया गया है, जो जगह रोड़ बाईडिंग में गई हुई है, उस पर भी अवैध निर्माण किया गया है।

लायसेंस होना चाहिए निरस्त

शक्कर बाज़ार से सीतलामाता बाज़ार की सड़क की तरफ निगम अधिकारी द्वारा सांठगांठ कर 2 मीटर का एमओएस भी नहीं काटा गया है, इसी रोड़ के आगे के नये नक्शों पर निर्मित मकानों पर 2.70 मीटर का सेटबेक व 2 मीटर का एमओएस काटा गया है, जिसकी जांच की जाना अतिआवश्यक है, जिस किसी भी इंजीनियर द्वारा नक्शा प्रस्तुत किया गया उसका लायसेंस भी निरस्त करने योग्य है।

6447 स्के. फीट की बजाय बनाया 22000 स्के. फीट

उक्त भवन का टोटल परमीशऐबल बिल्टअप एरिया 3457 वर्गफीट एवं 3090 स्के. फीट कुल 6447 परमीशऐबल बिल्टअप निर्माण होना था, जिसकी जगह 22000 स्के. फीट का निर्माण किया जा रहा है, नक्शे के विपरीत 15453 स्के. फीट अतिरिक्त अवैध निर्माण किया गया है। यदि 30 प्रतिशत् की कम्पाउण्डींग यदि दी जाती है तो फिर भी 13500 स्के. फीट का अवैध निर्माण किया गया है।

निगम को लगाया चुना

इस बिल्डिंग से नगर निगम को करोड़ों रू. की राशि के राजस्व की हानि हो रही है, जिसकी जांच की जाना चाहिए। भविष्य में रोड़ चौड़ीकरण में यह बिल्डिंग बाधा उत्पन्न करेंगी। आम जनता को ऐसे लोग करोड़ों रूपयें दुकानें बेचकर रफूचक्कर हो जाएगे।

प्लॉट कंसोलिडेशन संयुक्तिकरण से राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। इसकी जांच की जाना अत्यंत आवश्यक है। जिससे दोषियों इंजीनियर, बीओ एवं बीआई के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाना चाहिए