मध्य प्रदेश सरकार के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय शनिवार को विधानसभा-1 स्थित पीएम राइस स्कूल अहिल्या आश्रम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में अपने बेबाक अंदाज में नजर आए। छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने सामाजिक बुराइयों, नशामुक्ति और सतर्कता जैसे विषयों पर खुलकर अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में ऐसा बयान भी दिया, जिस पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच ठहाके गूंज उठे।
मंत्री विजयवर्गीय ने मंच से कहा, “मैं जो भी करता हूं, मुंह पर करता हूं, पीठ पीछे नहीं। जो गलत है, वो गलत है और जो सही है, वो सही। 70 साल का हो गया हूं, यूं ही सठिया गया हूं… किसी को बुरा लगे तो लगे, अपने को क्या फर्क पड़ता है।”
छात्राओं को दोस्ती को लेकर किया सतर्क
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने छात्राओं को किसी भी व्यक्ति से दोस्ती करने से पहले उसकी पहचान और व्यवहार को अच्छी तरह परखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कई बार लोग अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर संबंध बनाते हैं और बाद में सच्चाई सामने आती है।
इसी दौरान उन्होंने कहा, “रहमान अपना नाम राम बताकर तुमसे दोस्ती करेगा।” उन्होंने छात्राओं से अपील की कि किसी भी व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और हर रिश्ते में सतर्कता बरतें।
नशा करने वाले भाई को राखी नहीं बांधने की अपील
मंत्री विजयवर्गीय ने अपने संबोधन में नशामुक्ति का संदेश भी दिया। उन्होंने छात्राओं से कहा कि यदि उनका भाई नशा करता है तो इस रक्षाबंधन पर उसे राखी नहीं बांधने का संकल्प लें।
उन्होंने कहा, “भगवान श्रीकृष्ण, हनुमानजी या भोलेनाथ को राखी बांध देना, लेकिन नशा करने वाले भाई से कहना कि जब तक वह नशा नहीं छोड़ेगा, तब तक उसे राखी नहीं बांधी जाएगी।”
विजयवर्गीय ने आगे कहा कि नशे की लत छुड़ाने में परिवार सबसे बड़ी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि पिता या भाई नशे की हालत में घर आएं तो परिवार उनके विरोध में प्रतीकात्मक रूप से भूख हड़ताल जैसे कदम भी उठा सकता है। उनका कहना था कि परिवार का दृढ़ संकल्प किसी भी व्यक्ति को नशे की लत से बाहर निकाल सकता है।
स्कूल को दी सौगात
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने स्कूल को फर्नीचर और वाटर कूलर भी भेंट किए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के साथ-साथ आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
वहीं, उनके बेबाक बयानों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चाओं का दौर भी तेज हो गया है। खासकर “70 साल का हो गया हूं, यूं ही सठिया गया हूं” वाले बयान के अलग-अलग राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं।










