उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गाजियाबाद में 868 करोड़ रुपये की 90 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो दल कभी कांवड़ यात्रा, रामनवमी और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी जैसे धार्मिक आयोजनों पर रोक लगाने की बात करते थे, उनके मुंह से आज आस्था की बातें हास्यास्पद लगती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने कांवड़ यात्रा को सुरक्षा, सम्मान और सुविधाएं देने का काम किया है, जबकि पहले इसे रोकने की कोशिश की जाती थी।
2017 का किया जिक्र
सीएम योगी ने वर्ष 2017 की एक बैठक का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय पुराने शासनादेश में लिखा था कि कांवड़ यात्रा से दंगे हो सकते हैं, इसलिए इसे रोका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने उन्हें यात्रा की तैयारियों की जानकारी दी, जिसके बाद उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिवभक्तों की यात्रा पर किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा।
उन्होंने कहा, “यह देवाधिदेव महादेव के प्रति समर्पित शिवभक्तों की यात्रा है। दलित, वंचित, पिछड़े सहित हर वर्ग का व्यक्ति इसमें शामिल होता है। सरकार उन्हें सुरक्षा और सुविधाएं देगी। सच्चा शिवभक्त कभी अनुशासनहीन नहीं होता।”
‘कांवड़ यात्रा की मर्यादा बनाए रखें’
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हरिद्वार से गाजियाबाद तक निकलने वाली कांवड़ यात्रा देश की सबसे बड़ी यात्रा बन चुकी है, जिसे देखने देश-विदेश से लोग आते हैं। उन्होंने कहा कि अब कांवड़ यात्रा को कोई नहीं रोक सकता।
उन्होंने सभी कांवड़ संघों और शिवभक्तों से अपील करते हुए कहा कि यात्रा के दौरान अनुशासन और मर्यादा बनाए रखें तथा प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर चलें, ताकि किसी भी विरोधी तत्व को माहौल खराब करने का अवसर न मिले।
कांग्रेस और सपा पर साधा निशाना
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि पहले इन दलों को केसरिया रंग से भी परेशानी थी। उन्होंने अपना केसरिया कुर्ता दिखाते हुए कहा, “कांग्रेस और समाजवादी पार्टी आज आस्था की बात कर रही हैं, जबकि इन्हें केसरिया रंग से ही चिढ़ होती थी।”
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 868 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाली 90 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विकास, कानून-व्यवस्था और आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है तथा गाजियाबाद में पिछले वर्षों में व्यापक बदलाव देखने को मिला है।










