वैभव सूर्यवंशी ने सबसे कम उम्र में भारत के लिए डेब्यू कर रचा इतिहास, सचिन तेंदुलकर को छोड़ा पीछे

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By Raj RathorePublished On: July 4, 2026
Vaibhav Suryavanshi Debut

भारतीय क्रिकेट को एक नया युवा सितारा मिल गया है। आईपीएल में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सुर्खियां बटोरने वाले 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी ऐतिहासिक शुरुआत की है। इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी-20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में टीम इंडिया के लिए डेब्यू करते ही उन्होंने सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया।

महज 15 साल 99 दिन की उम्र में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले वैभव अब देश के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के नाम था, जिन्होंने 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ 16 साल 205 दिन की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था।

आईपीएल से टीम इंडिया तक का शानदार सफर

वैभव सूर्यवंशी ने अपनी प्रतिभा की पहली झलक आईपीएल 2025 में दिखाई थी, लेकिन असली धमाका आईपीएल 2026 में देखने को मिला। पूरे सीजन में उन्होंने आक्रामक बल्लेबाजी से गेंदबाजों की जमकर खबर ली और ऑरेंज कैप अपने नाम की।

उन्होंने पूरे सीजन में 237.30 के स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 72 छक्के, एक शतक और छह अर्धशतक निकले। महज 327 गेंदों में 776 रन बनाकर उन्होंने टी-20 क्रिकेट की सबसे विस्फोटक पारियों में अपना नाम दर्ज कराया।

वैभव ने आईपीएल में जसप्रीत बुमराह, पैट कमिंस, मिशेल स्टार्क, जोश हेजलवुड, लुंगी एनगिडी और मैट हेनरी जैसे विश्वस्तरीय गेंदबाजों के खिलाफ भी बेखौफ बल्लेबाजी की। तेज गेंदबाजों के खिलाफ उनका स्ट्राइक रेट 239.11, जबकि स्पिनरों के खिलाफ 228 से अधिक रहा।

चयनकर्ताओं ने जताया भरोसा

आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद चयनकर्ताओं ने वैभव को इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के लिए भारतीय टी-20 टीम में शामिल किया। इसके अलावा उन्हें एशियन गेम्स 2026 के लिए भी भारतीय टीम में जगह मिली है। आयरलैंड के खिलाफ मौका नहीं मिलने के बाद आखिरकार इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 में उन्होंने डेब्यू कर इतिहास रच दिया है।

महज 15 साल की उम्र में टीम इंडिया की जर्सी पहनकर रिकॉर्ड बनाने वाले वैभव सूर्यवंशी अब भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ी बन गए हैं। क्रिकेट प्रेमियों की नजर अब उनके आगे के प्रदर्शन पर रहेगी कि क्या वे आईपीएल की तरह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी का जलवा कायम रख पाते हैं।