मध्यप्रदेश में किसानों को लोन चुकाने के लिए मिलेगा पूरा साल, मोहन यादव कैबिनेट ने लिया बड़ा फैसला

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By Raj RathorePublished On: June 23, 2026
MP Cabinet Decisions News

मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए सहकारी बैंकों से लिए जाने वाले ब्याजमुक्त फसल ऋण की व्यवस्था में अहम बदलाव किया है। अब किसानों को हर साल 31 मार्च तक कर्ज चुकाने की बाध्यता नहीं रहेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया गया कि किसान जिस तारीख को ऋण लेंगे, उसके एक वर्ष बाद तक बिना ब्याज के उसे जमा कर सकेंगे।

फसल ऋण चुकाने की नई व्यवस्था

प्रदेश सरकार वर्तमान में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से सहकारी बैंकों से किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराती है। अब तक किसानों को यह ऋण 31 मार्च तक जमा करना होता था, लेकिन नई व्यवस्था के तहत ऋण लेने की तारीख से एक वर्ष का समय मिलेगा।

उदाहरण के तौर पर यदि किसी किसान ने 1 जून को ऋण लिया है तो वह अगले वर्ष 1 जून तक बिना ब्याज के ऋण जमा कर सकेगा। निर्धारित अवधि के बाद ही ब्याज देय होगा।

880 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार

कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि राज्य सरकार सहकारी बैंकों के माध्यम से किसानों को करीब 25 हजार करोड़ रुपए का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराती है। नई व्यवस्था लागू होने से सरकार पर लगभग 880 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा, लेकिन इससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।

कैबिनेट बैठक में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को जारी रखने का भी फैसला लिया गया। कुल 5365 करोड़ रुपए की योजनाओं को मंजूरी दी गई है। सरकार ने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का निर्णय लिया है।

लगभग 1740 करोड़ रुपए की इस योजना के तहत प्रत्येक विवाह पर 55 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाती है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की 3580 करोड़ रुपए की परिवहन व्यय योजना को भी कैबिनेट ने स्वीकृति प्रदान की है, जिससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूती मिलेगी।

214 नए हायर सेकेंडरी स्कूल

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किए गए सर्वे और मैपिंग के आधार पर प्रदेश में शिक्षा सुविधाओं के विस्तार का फैसला लिया गया है। अगले तीन वर्षों में प्रदेश के 315 स्कूलों को हाई स्कूल स्तर तक उन्नत किया जाएगा। कैबिनेट ने 214 नए हायर सेकेंडरी स्कूल खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस पूरी योजना पर 635 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

मोहन सरकार के इन फैसलों को किसानों, विद्यार्थियों और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।