उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार की ओर से गुरुवार को इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया। सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब वैश्विक परिस्थितियों के कारण पेट्रोल-डीजल, दूध और अन्य जरूरी वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं।
सरकार के इस निर्णय का लाभ राज्य के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलेगा। शासनादेश के मुताबिक बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता 1 जनवरी 2026 से लागू माना जाएगा।
जीपीएफ खाते में जमा होगी बकाया राशि
जारी आदेश में कहा गया है कि 1 जनवरी 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक की बकाया राशि संबंधित कर्मचारियों के भविष्य निधि (GPF) खाते में जमा कराई जाएगी। हालांकि राशि जमा करने से पहले उस पर लागू आयकर और सरचार्ज की कटौती की जाएगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी प्रक्रिया वित्त विभाग द्वारा 21 मार्च 2023 को जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरी की जाएगी। वहीं जीपीएफ खाते में जमा की गई यह राशि 1 मई 2027 तक नहीं निकाली जा सकेगी। हालांकि जिन मामलों में भविष्य निधि नियमों के तहत अंतिम निकासी की अनुमति होगी, वहां यह नियम लागू नहीं रहेगा।
जिनके पास GPF नहीं, उन्हें मिलेगा PPF या NSC
सरकार ने उन कर्मचारियों के लिए भी अलग व्यवस्था की है, जो जीपीएफ खाते के सदस्य नहीं हैं। ऐसे कर्मचारियों की बकाया राशि पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) में जमा कराई जाएगी या फिर नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) के रूप में दी जाएगी।
यदि किसी राशि के बराबर एनएससी उपलब्ध नहीं हो पाता है, तो बची हुई राशि का भुगतान नकद किया जाएगा। शासनादेश में इस पूरी प्रक्रिया को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
NPS कर्मचारियों के लिए अलग व्यवस्था
राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सरकार ने अलग व्यवस्था लागू की है। शासनादेश के अनुसार 1 जनवरी 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक के महंगाई भत्ते के बकाये में से 10 प्रतिशत राशि कर्मचारियों के टियर-1 पेंशन खाते में जमा की जाएगी।
इसके साथ ही राज्य सरकार या नियोक्ता की ओर से उस राशि पर 14 प्रतिशत अतिरिक्त अंशदान भी कर्मचारियों के टियर-1 खाते में जमा कराया जाएगा। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से कर्मचारियों की भविष्य की आर्थिक सुरक्षा और मजबूत होगी।











