इंदौर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान डेली कॉलेज के बोर्ड चुनाव के नतीजे घोषित हो गए हैं। इस बार न्यू डोनर कैटेगरी में हुए कड़े मुकाबले में हरपालसिंह भाटिया मोनू ने शानदार जीत दर्ज करते हुए राजेश अग्रवाल को 124 वोटों के बड़े अंतर से हरा दिया। चुनाव परिणाम आने के बाद संस्थान में कई दिनों से चल रही चुनावी सरगर्मियां भी शांत हो गईं।
कुल 688 पंजीकृत मतदाताओं में से 130 वोट बैलेट पेपर के जरिए पड़े, जबकि 470 सदस्यों ने फिजिकल मतदान किया। चुनाव में कुल 6 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें हरपालसिंह भाटिया मोनू, राजेश अग्रवाल, संदीप पारेख, मानवेंद्र सिंह बायस, जयेश पटेल और नीरज देसाई के बीच मुकाबला हुआ।
नए संविधान के तहत बनेगा 10 सदस्यीय बोर्ड
डेली कॉलेज के नए संविधान और नियमों के तहत इस बार बोर्ड में कुल 10 सदस्य शामिल किए जाएंगे। हालिया चुनाव में न्यू डोनर कैटेगरी से केवल एक सदस्य के रूप में मोनू भाटिया का चयन हुआ है।
चुनाव से पहले ही दो सदस्य निर्विरोध चुने जा चुके थे। इसके अलावा दो सदस्यों की नियुक्ति सरकार करेगी, जबकि दो सदस्य पैरेंट्स प्रतिनिधि के तौर पर शामिल होंगे। वहीं तीन सदस्य ओल्ड डेलियंस एसोसिएशन (ODA) के माध्यम से चुने जाएंगे।
चुनाव प्रचार के दौरान खूब हुआ विवाद
डेली कॉलेज का यह चुनाव शुरुआत से ही विवादों और आरोप-प्रत्यारोप के कारण चर्चा में रहा। चुनाव प्रचार के दौरान अलग-अलग गुटों के बीच जमकर बयानबाजी हुई और सोशल मीडिया पर भी एक-दूसरे के खिलाफ आरोप लगाए गए।
सबसे ज्यादा विवाद बैलेट पेपर के वितरण और प्रबंधन को लेकर सामने आया। कुछ सदस्यों ने आरोप लगाए कि बैलेट पेपर जबरन कलेक्ट किए गए और कई जगहों पर उनमें बदलाव करने की कोशिश हुई। हालांकि मुख्य चुनाव अधिकारी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
दरबार हॉल में हुआ मतदान
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार गुरुवार सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक डेली कॉलेज परिसर के ऐतिहासिक दरबार हॉल में मतदान कराया गया। मतदान के लिए दो अलग-अलग पोलिंग बूथ बनाए गए थे।
कुल 535 सदस्यों ने मतदान में हिस्सा लिया। 153 सदस्यों को पहले ही डाक के माध्यम से बैलेट पेपर भेजे गए थे, जिनमें से 131 सदस्यों ने समय पर अपने वोट वापस भेज दिए। मतदान समाप्त होने के बाद शाम 7 बजे से मतगणना शुरू हुई।
65 कर्मचारियों ने संभाली चुनाव व्यवस्था
पूरी चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए संस्थान की ओर से 65 कर्मचारियों का विशेष स्टाफ तैनात किया गया था। मतदान के दौरान सभी मतदाताओं के लिए वैध पहचान पत्र लाना अनिवार्य रखा गया था।











