इंदौर के जिंसी क्षेत्र में 60 फीट चौड़ी सड़क निर्माण के लिए गुरुवार को नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 से अधिक निर्माण हटा दिए। सुबह निगम का अमला करीब 50 कर्मचारियों और बुलडोजरों के साथ मौके पर पहुंचा और सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई शुरू की।
करीब दो घंटे तक चली कार्रवाई में 30 से अधिक निर्माण हटाए गए। इस दौरान इलाके के कई पुराने मकान भी तोड़ दिए गए, जिनमें कुछ मकान 100 साल से अधिक पुराने बताए जा रहे हैं। कार्रवाई से पहले पूरे क्षेत्र की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई थी।
170 से ज्यादा निर्माण बताए जा रहे बाधक
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक सड़क चौड़ीकरण परियोजना में 170 से अधिक निर्माण बाधा बने हुए हैं। पिछले एक महीने से कई रहवासी सड़क की जद में आने वाले हिस्सों को खुद ही हटाने लगे थे।
जिन लोगों ने निर्माण नहीं हटाए, उनके मकानों को गुरुवार को निगम ने तोड़ दिया। अधिकारियों का कहना है कि बाधाएं हटने के बाद अब जल्द ही यहां नर्मदा और ड्रेनेज लाइन डालने का काम शुरू किया जाएगा, जिसके बाद सड़क निर्माण किया जाएगा।
रहवासियों ने जताई नाराजगी
स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके के ज्यादातर मकान आजादी से पहले के हैं और कई जमीनें होलकरकालीन हैं। उनका आरोप है कि 1974 के मास्टर प्लान में सड़क की चौड़ाई 80 फीट तय कर दी गई थी, जिसकी वजह से अब उन्हें अपनी जमीन छोड़नी पड़ रही है।
रहवासियों का यह भी कहना है कि जमीन देने के बदले उन्हें किसी प्रकार का मुआवजा नहीं दिया गया। कार्रवाई के दौरान कई परिवारों में नाराजगी और चिंता का माहौल देखने को मिला।
ट्रैफिक दबाव कम करने की तैयारी
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार सड़क निर्माण पूरा होने के बाद बड़ा गणपति क्षेत्र में ट्रैफिक का दबाव कम होगा। साथ ही लोगों को राजवाड़ा और क्लॉथ मार्केट तक पहुंचने के लिए बेहतर वैकल्पिक मार्ग मिलेगा।
गौरतलब है कि इंदौर में करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से मास्टर प्लान की 23 सड़कों का निर्माण किया जा रहा है।











