Indore News : इंदौर में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर अब सिर्फ चालान नहीं, बल्कि ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन जैसी सख्त कार्रवाई भी शुरू हो गई है। शहर में लगातार लापरवाही से वाहन चलाने और बार-बार नियम तोड़ने वाले चालकों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस और आरटीओ ने संयुक्त अभियान तेज कर दिया है।
इस साल अब तक करीब 350 ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड किए जा चुके हैं, जबकि 34 वाहन चालकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
बार-बार नियम तोड़ने वालों की सूची
अधिकारियों के मुताबिक, हेलमेट नहीं पहनना, रेड सिग्नल तोड़ना, ओवरस्पीडिंग, रॉन्ग साइड वाहन चलाना और लगातार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों की पहचान की जा रही है। ट्रैफिक पुलिस चालान रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ऐसे चालकों की सूची तैयार कर रही है।
अब तक करीब 5 हजार ऐसे मामलों की पहचान की गई है, जिनमें वाहन चालक एक से अधिक बार नियम तोड़ते पाए गए। इनमें बड़ी संख्या हेलमेट नहीं पहनने वाले दोपहिया चालकों की बताई जा रही है।
नोटिस के बाद हो रही कार्रवाई
ट्रैफिक पुलिस द्वारा इन मामलों का रिकॉर्ड आरटीओ को भेजा जा रहा है। इसके बाद संबंधित वाहन चालकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाता है। यदि चालक का जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता या वह लगातार नियम तोड़ता मिलता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित कर दिया जाता है।
अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि सड़क हादसों को कम करना और लोगों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। आने वाले दिनों में लगातार नियम तोड़ने वालों पर और सख्त कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है।
प्रदेशभर में चला विशेष अभियान
प्रदेश में सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (PTRI) द्वारा 26 अप्रैल से 10 मई 2026 तक 15 दिवसीय विशेष अभियान चलाया गया था। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस ने रिकॉर्ड स्तर पर चालानी कार्रवाई की।
अभियान के दौरान सिर्फ हेलमेट नहीं पहनने वाले दोपहिया चालकों पर ही करीब 98 हजार चालान किए गए, जिनसे 2.87 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया।
5 हजार से ज्यादा लाइसेंस निरस्त
गंभीर ट्रैफिक उल्लंघनों के मामलों में प्रदेशभर में 5253 से ज्यादा ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त किए जा चुके हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सड़क सुरक्षा को लेकर अब “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई जा रही है, ताकि हादसों पर नियंत्रण पाया जा सके और लोग नियमों का पालन करने के लिए मजबूर हों।











