Parle Melody : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय पांच देशों के दौरे पर हैं। नॉर्वे, स्वीडन, नीदरलैंड और यूएई के बाद उनके दौरे का आखिरी पड़ाव इटली बना, जहां रोम में उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने मेलोनी को भारत की मशहूर ‘Parle Melody’ चॉकलेट गिफ्ट की, जिसके बाद सोशल मीडिया पर यह टॉफी अचानक चर्चा का विषय बन गई।
पीएम मोदी के इस खास गिफ्ट को देखकर जॉर्जिया मेलोनी भी मुस्कुराती नजर आईं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो शेयर करते हुए पीएम मोदी का धन्यवाद किया और कहा कि उन्हें भारत की लोकप्रिय ‘Melody’ टॉफी गिफ्ट में मिली है। वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने बचपन की यादों के साथ मजेदार मीम्स और कमेंट्स की बाढ़ ला दी।
आखिर कब लॉन्च हुई थी ‘Melody’?
पीएम मोदी के इस गिफ्ट के बाद लोग अब ‘Melody’ के इतिहास को भी सर्च कर रहे हैं। दरअसल, Melody को भारत की दिग्गज कंपनी Parle Products ने साल 1983 में लॉन्च किया था। 80 और 90 के दशक में यह टॉफी बच्चों से लेकर बड़ों तक की पसंद बन गई थी।
Melody की सबसे बड़ी खासियत इसका अलग स्वाद रहा। बाहर मीठी कैरेमल की लेयर और अंदर भरी चॉकलेटी क्रीम ने इसे बाकी टॉफियों से अलग पहचान दी। यही वजह रही कि दशकों बाद भी यह टॉफी लोगों की पसंद बनी हुई है।
View this post on Instagram
‘मेलोडी इतनी चॉकलेटी क्यों है?’
90 के दशक में टीवी पर आने वाला Melody का विज्ञापन आज भी लोगों को याद है। उसका मशहूर स्लोगन था — “मेलोडी इतनी चॉकलेटी क्यों है?”
यह लाइन इतनी लोकप्रिय हुई कि यह आम बातचीत का हिस्सा बन गई। दिलचस्प बात यह रही कि कंपनी ने कभी इस सवाल का जवाब नहीं दिया और यही रहस्य Melody की सबसे बड़ी मार्केटिंग ताकत बन गया।
एक दौर था जब Melody सिर्फ 50 पैसे में मिलती थी। समय बदला, कीमतें बढ़ीं, लेकिन आज भी यह टॉफी देशभर की छोटी-बड़ी दुकानों पर करीब 1 रुपये में आसानी से मिल जाती है।
कैसे शुरू हुआ था Parle का सफर?
जिस कंपनी ने Melody बनाई, उसकी शुरुआत भी बेहद दिलचस्प रही। Parle Products की स्थापना साल 1929 में मुंबई के विले पार्ले इलाके में मोहनलाल चौहान ने की थी। शुरुआत में कंपनी सिर्फ 12 लोगों के साथ बेकरी उत्पाद बनाती थी।
बाद में Parle-G बिस्किट ने कंपनी को देशभर में पहचान दिलाई। इसके बाद 1983 में Melody और 1989 में Mango Bite जैसी कैंडी लॉन्च की गईं। आज करीब 60 हजार रुपये से शुरू हुई यह कंपनी हजारों करोड़ रुपये की ब्रांड वैल्यू तक पहुंच चुकी है।











