मध्य प्रदेश कांग्रेस में अंदरूनी कलह को लेकर भाजपा ने एक बार फिर बड़ा हमला बोला है। भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कांग्रेस नेतृत्व पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पार्टी और वरिष्ठ नेताओं का अपमान करने वालों पर कार्रवाई नहीं होती, लेकिन यदि कोई समर्पित कार्यकर्ता सवाल पूछ ले तो उसे तुरंत बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है।
सुमित मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस के एक ब्लॉक अध्यक्ष राहुल धाकरे ने सोशल मीडिया पर प्रदेश प्रभारी को लेकर कार्यकर्ताओं की भावना व्यक्त की थी, लेकिन इस टिप्पणी को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इतना गंभीर मान लिया कि उन्हें तत्काल पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।
वरिष्ठ नेताओं को गाली देने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं?
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस में दोहरे मापदंड अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को लेकर अपमानजनक बयान देने वाले नेताओं और वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के खिलाफ अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल करने वालों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का अपमान करने के आरोपों से जुड़े मामलों में भी कांग्रेस नेतृत्व चुप रहा, लेकिन संगठन के भीतर सवाल उठाने वाले कार्यकर्ताओं पर सख्ती दिखाई जा रही है।
समर्पित कार्यकर्ताओं के लिए जगह नहीं
सुमित मिश्रा ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच गलत संदेश जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में अब जमीनी और समर्पित कार्यकर्ताओं की कोई जगह नहीं बची है।
भाजपा नगर अध्यक्ष ने कहा कि मालवा की संस्कृति हमेशा से वरिष्ठों के सम्मान की रही है और राजनीतिक दलों को भी इस परंपरा का पालन करना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से आत्मसम्मान के लिए आवाज उठाने की अपील भी की।
बढ़ रही अंदरूनी खींचतान
मध्य प्रदेश कांग्रेस में पिछले कुछ समय से संगठनात्मक फैसलों और बयानों को लेकर लगातार असंतोष की खबरें सामने आती रही हैं। भाजपा अब इन्हीं मुद्दों को लेकर कांग्रेस नेतृत्व पर हमलावर नजर आ रही है।











