इंदौर में शादी-ब्याह के सीजन के बीच मिलावटी हल्दी लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है। शहर के एमवाई अस्पताल में हाल ही में ऐसे कई मामले सामने सामने आए हैं, जहां हल्दी की रस्म के बाद दूल्हा-दुल्हन गंभीर रूप से बीमार हो गए।
डॉक्टरों के मुताबिक कुछ मरीजों को आईसीयू में भर्ती करना पड़ा, जबकि एक मरीज की हालत इतनी गंभीर हो गई कि उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखना पड़ा।
हल्दी रस्म के बाद बिगड़ी तबीयत
खरगोन जिले के कसरावद की रहने वाली 21 वर्षीय राखी की शादी की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब हल्दी रस्म के कुछ देर बाद उनके शरीर पर लाल चकत्ते उभर आए।
परिजनों के अनुसार राखी के चेहरे और होंठों पर सूजन आ गई और उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी। हालत बिगड़ने पर तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। परिवार ने बताया कि हल्दी रस्म के लिए बाजार से सस्ती और खुली हल्दी खरीदी गई थी।
ICU में हुआ भर्ती
इसी तरह दूधिया क्षेत्र के रहने वाले 35 वर्षीय गोलू को भी हल्दी रस्म के बाद गंभीर एलर्जी रिएक्शन हुआ। डॉक्टरों के मुताबिक एलर्जी के कारण उनके फेफड़ों पर दबाव बढ़ गया था और हालत गंभीर हो गई थी। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया।
एक हफ्ते में 5 केस
एमवाई अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार पिछले एक सप्ताह में हल्दी एलर्जी के 4 से 5 मामले सामने आए हैं। इनमें से एक मरीज को वेंटिलेटर तक पर रखना पड़ा। डॉक्टरों का कहना है कि बाजार में बिक रही मिलावटी और केमिकल युक्त हल्दी लोगों की सेहत के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक शादी के सीजन में हल्दी की मांग बढ़ने के साथ बाजार में सस्ती और खुली हल्दी की बिक्री भी बढ़ जाती है। ऐसे में कई छोटे व्यापारी और मिलावटखोर केमिकल मिलाकर हल्दी बेच रहे हैं। खासकर ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवार कम कीमत के कारण खुली हल्दी ज्यादा खरीदते हैं।
गंभीर हो सकती है स्थिति
डॉ. धर्मेंद्र झंवर ने कहा कि हल्दी में मिलावट बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने बताया कि कई मरीजों में एलर्जी इतनी तेज होती है कि उन्हें स्टेरॉयड देना पड़ता है और हालत बिगड़ने पर वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत भी पड़ सकती है।
डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि शादी या किसी धार्मिक रस्म के लिए केवल ब्रांडेड और पैक्ड हल्दी का ही इस्तेमाल करें। साथ ही यदि हल्दी लगाने के बाद शरीर पर खुजली, लाल चकत्ते, सूजन या सांस लेने में परेशानी हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।









