Gold Rate Today : सोना हुआ सस्ता, चांदी हुई महंगी, जानें 3 मई का ताजा भाव

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By Raj RathorePublished On: May 3, 2026
Gold Rate Today

Gold Rate Today : देश के सराफा बाजार में 3 मई को बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। आज सोने की कीमतों में अच्छी-खासी गिरावट दर्ज की गई है, जबकि चांदी के दामों में तेज उछाल आया है। इस बदलाव ने जहां सोना खरीदने वालों को राहत दी है, वहीं चांदी निवेश करने वालों के लिए महंगी हो गई है।

रविवार को सोने के दाम में गिरावट का ट्रेंड साफ नजर आया। 22 कैरेट सोने की कीमतों में कमी आई है और 10 ग्राम पर करीब 1300 रुपये तक की गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार के मुकाबले रविवार को सोना सस्ता हुआ है, जिससे ज्वेलरी खरीदने वालों को सीधा फायदा मिल सकता है।

इसी तरह 24 कैरेट सोने के दाम (Gold Rate Today) में भी गिरावट देखी गई है, जहां 10 ग्राम पर लगभग 1370 रुपये तक की कमी आई है, जो इस बात का संकेत है कि फिलहाल सोने के बाजार में नरमी बनी हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में आई हल्की गिरावट और डॉलर में उतार-चढ़ाव के कारण घरेलू बाजार में सोना सस्ता हुआ है। ऐसे में शादी-ब्याह और निवेश के लिए यह समय खरीदारी के लिहाज से बेहतर माना जा रहा है।

चांदी ने पकड़ी रफ्तार, कीमतों में बड़ा उछाल

जहां सोना सस्ता हुआ है, वहीं चांदी के दामों में तेजी देखने को मिली है। एक ग्राम चांदी की कीमत में मामूली बढ़ोतरी हुई है, लेकिन अगर किलो के हिसाब से देखें तो इसमें बड़ा उछाल आया है।

शनिवार को जहां एक किलो चांदी की कीमत (Silver Rate Today) 2,65,000 रुपये थी, वहीं रविवार को यह बढ़कर 2,70,000 रुपये प्रति किलो पहुंच गई। यानी एक ही दिन में 5,000 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह उछाल बाजार में चांदी की बढ़ती मांग और निवेशकों की दिलचस्पी को दर्शाता है।

बाजार में क्यों आया बदलाव?

विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हो रहे बदलाव इसका मुख्य कारण हैं। सोने में हल्की गिरावट और चांदी की औद्योगिक मांग बढ़ने से यह उल्टा ट्रेंड देखने को मिला है। वर्तमान समय में कच्चे तेल की कीमतें 115 से 120 डॉलर प्रति बैरल के पार बनी हुई हैं, जिससे वैश्विक महंगाई पर दबाव बना हुआ है। डॉलर के मजबूत होने से भारत के लिए आयात महंगा हो रहा है, खासकर कच्चा तेल और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद, जिसका सीधा असर घरेलू महंगाई पर पड़ रहा है।

रुपये की स्थिति भी सोने के दाम तय करने में अहम भूमिका निभाती है। जब रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होता है, तो सोने का आयात महंगा हो जाता है और इसका असर सीधे भारतीय बाजार में कीमतों पर दिखता है। अगर आने वाले समय में Federal Reserve ब्याज दरों में कटौती का संकेत देता है, तो डॉलर में कमजोरी आ सकती है, जिससे सोने की कीमतों में फिर तेजी देखने को मिल सकती है।

हालांकि फिलहाल फेड द्वारा ब्याज दरों में बदलाव न करने से बाजार को कुछ स्थिरता मिली है और निवेशक अभी भी सोने को सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) मान रहे हैं। यही वजह है कि विशेषज्ञ निवेशकों को एकमुश्त निवेश करने के बजाय गिरावट पर धीरे-धीरे निवेश (SIP मोड) करने की सलाह दे रहे हैं, ताकि जोखिम को कम किया जा सके।

शादी सीजन और बदलता उपभोक्ता व्यवहार

भारत में शादी का सीजन होने के कारण सोने की मांग बनी हुई है, लेकिन ऊंची कीमतों ने मध्यम वर्गीय परिवारों के बजट पर असर डाला है। ऐसे में लोग अब भारी गहनों के बजाय हल्के वजन की ज्वेलरी खरीदने या पुराने सोने को एक्सचेंज कर नए डिजाइन लेने की ओर झुक रहे हैं।

वहीं चांदी की कीमतों में तेजी का बड़ा कारण इसकी औद्योगिक मांग है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), बैटरी टेक्नोलॉजी और 5G इंफ्रास्ट्रक्चर में चांदी का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। सप्लाई सीमित होने और मांग बढ़ने के कारण चांदी की कीमतें सोने के मुकाबले ज्यादा तेजी से बढ़ती नजर आ रही हैं।

इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान जैसे देशों के बीच बढ़ते तनाव का भी असर कमोडिटी बाजार पर पड़ सकता है। यदि भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, तो निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करते हैं, जिससे सोने और तेल दोनों की कीमतों में तेजी आ सकती है। (Gold Rate Today)

निवेश से पहले रखें ये सावधानी

सोना खरीदते समय BIS हॉलमार्क और HUID कोड की जांच जरूर करें। साथ ही ध्यान रखें कि India Bullion and Jewellers Association द्वारा जारी रेट में GST और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं होते, इसलिए अलग-अलग शहरों और ज्वेलरी शोरूम में अंतिम कीमत अलग हो सकती है।

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